एनसीइआरटी की पुस्तकों में चाइल्डलाइन हेल्पलाइन व सुरक्षा की मिलेगी जानकारी

देवघर : राष्‍ट्रीय शैक्षणिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीइआरटी) ने कक्षा छह से 12वीं कक्षा की सभी पाठ्य पुस्तकों के बैक कवर पर चाइल्‍ड लाइन (1098) नंबर, बच्‍चों के लिए 24×7 हेल्‍पलाइन और पॉक्सो ई-बॉक्स की जानकारी दी जायेगी. सुरक्षा व शिकायतों के संभावित जानकारी से बच्‍चों को लैस करने के लिए महिला और बाल […]

देवघर : राष्‍ट्रीय शैक्षणिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीइआरटी) ने कक्षा छह से 12वीं कक्षा की सभी पाठ्य पुस्तकों के बैक कवर पर चाइल्‍ड लाइन (1098) नंबर, बच्‍चों के लिए 24×7 हेल्‍पलाइन और पॉक्सो ई-बॉक्स की जानकारी दी जायेगी. सुरक्षा व शिकायतों के संभावित जानकारी से बच्‍चों को लैस करने के लिए महिला और बाल विकास मंत्रालय ने मानव संसाधन विकास मंत्रालय और एनसीइआरटी से इस सूचना को प्रकाशित करने का अनुरोध किया था.
महिला और बाल विकास मंत्री मेनका संजय गांधी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रकाश जावड़ेकर से पॉक्सो ई-बॉक्स और चाइल्डलाइन 1098 को एनसीइआरटी प्रकाशनों, स्कूलों में बच्चों के यौन उत्पीड़न के बारे में शिक्षाप्रद फिल्‍मों के प्रदर्शन के जरिये लोकप्रिय बनाने और सहायक कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए कड़े नियम लागू करने का अनुरोध किया था. माता-पिता, अभिभावकों को बच्‍चों और उनके व्‍यवहार तथा किसी भी संदि‍ग्‍ध स्थिति के बारे में सतर्क रहना चाहिए.
इसकी जानकारी तत्‍काल चाइल्डलाइन नंबर 1098 और पॉक्सो ई-बॉक्स को देनी चाहिए. इन पाठ्यक्रम पुस्‍तकों के जरिए 15 लाख स्कूलों के करीब 26 करोड़ स्कूली छात्रों तक जानकारी पहुंचने की उम्मीद है. इस मुद्दे पर एनसीइआरटी की सामाजिक विज्ञान की पुस्तक में भी अध्याय हो सकता है.
इसकी जानकारी 12वीं कक्षा तक दी जा सकती है. जिसका युवा मस्तिष्‍क पर बेहतर असर पड़ेगा. एनसीइआरटी की पुस्तकों के जरिए 10 लाख अध्यापकों के साथ-साथ परिवार के सदस्यों और बच्चों की देख-रेख करने वालों के लिए भी उपलब्ध होगी. इस उपयोगी जानकारी से देश में बच्चों की सुरक्षा और उन्‍हें अधिकार दिलाने के लिए एक माहौल बनने के उम्‍मीद है.
24 घंटे मुफ्त मिलेगी राष्ट्रीय आपात सेवा
चाइल्डलाइन 1098 परेशानी में पड़े बच्‍चों के लिए 24 घंटे की मुफ्त राष्‍ट्रीय आपात सेवा उपलब्ध करायेगा. वर्तमान में हेल्‍पलाइन देश के 412 स्‍थानों पर काम कर रही है. अप्रैल 2016 से मार्च 2017 के दौरान चाइल्डलाइन को 1.45 करोड़ एवं अप्रैल से नवंबर 2017 के दौरान 78 लाख कॉल प्राप्‍त हुए हैं. चाइल्डलाइन परेशानी में पड़े बच्‍चों को टेली काउंसलिंग अथवा शारीरिक रूप से छुड़ाकर सहायता प्रदान करती है.
पॉक्सो ई-बॉक्स के जरिये यौन अपराधों से बच्‍चों की रक्षा
पॉक्सो ई-बॉक्स बच्‍चों के खिलाफ यौन अपराधों की आसान और प्रत्‍यक्ष जानकारी देने और अपराधी के खिलाफ पॉक्‍सो कानून 2012 के तहत समय पर कार्रवाई के लिए एक ऑनलाइन शिकायत प्रबंध प्रणाली है. पॉक्‍सो ई-बॉक्‍स की शुरुआत 26 अगस्त 2016 को की थी. किताब में पॉक्सो ई-बॉक्स का लिंक http://www.ncpcr.gov.in/user_complaints.php का भी जिक्र रहेगा.

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