घर-घर दवा खिलाने में खानापूर्ति

देवघर : जिले में फाइलेरिया उन्मूलन अभियान में काफी शिथिलता बरती गयी है. अभियान के तहत जिले भर में 15 लाख 93 हजार 358 लोगों को डीइसी व अल्बेंडाजोल खिलानी थी. इसके लिए 6373 दवा वितरकों (सहिया, सेविका व स्वयंसेवी संस्था) के साथ 637 पर्यवेक्षकों को लगाया गया था. इन्हें जिले भर में दो अप्रैल […]

देवघर : जिले में फाइलेरिया उन्मूलन अभियान में काफी शिथिलता बरती गयी है. अभियान के तहत जिले भर में 15 लाख 93 हजार 358 लोगों को डीइसी व अल्बेंडाजोल खिलानी थी. इसके लिए 6373 दवा वितरकों (सहिया, सेविका व स्वयंसेवी संस्था) के साथ 637 पर्यवेक्षकों को लगाया गया था. इन्हें जिले भर में दो अप्रैल को बूथों पर व तीन तथा चार अप्रैल को डोर- टू डोर दवा खिलानी थी. इसके लिए निरीक्षण टीम भी बनाया था. लेकिन, कई प्रखंडों में तो दवा ही नहीं खिलायी गयी.
इस गड़बड़ी का पता तब चला जब डब्ल्यूएचओ की टीम ने स्थलीय जांच की. डब्लूएचओ की टीम विभाग को सौंपे गए अंतरिम रिपोर्ट में कहा है कि मधुपुर प्रखंड स्थित बुढ़ई स्वास्थ्य उपकेंद्र के करनपुरा गांव, देवीपुर प्रखंड के भोजपुर गांव, बलामपुर व अंबावर गांव तथा सारठ प्रखंड के गगियाडीह, कुकराहा व बरदही गांव में दवा नहीं खिलायी गयी है.
जांच टीम के आने की जानकारी मिली तो, जल्दबाजी में दे दी दवा
डब्ल्यूएचओ की जांच टीम की जानकारी मिलने पर स्वयंसेवकों ने जल्दबाजी में कुछ लोगों को दवा दे दी. जांच टीम के निरीक्षण में एक ही घर में फाइलेरिया के दो मरीज मिले. लेकिन, उनके घर केवल अल्बेंडाजोल की दवा ही दी गयी.
अब आंकड़ों पर भी उठ रहे सवाल
डब्ल्यूएचओ की टीम की स्थलीय जांच में अभियान में पायी गड़बड़ी से कई सवाल भी उठ रहे हैं. अगर कई जगह दवा खिलायी ही नहीं गयी तो हो सकता है कि कई जगह कागजी खानापूर्ति कर दी गयी हो. अब विभाग के इस आंकड़े पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं.
लक्ष्य नहीं हुआ पूरा विभाग की ओर से निगम क्षेत्र में दो लाख 16 हजार 211 लोगों को दवा खिलाने का लक्ष्य रखा गया था. जिसमें एक लाख 35 हजार 179 लोगों को ही दवा खिलायी जा सकी है. जो निर्धारित लक्ष्य का केवल 62.32 प्रतिशत है. इसी प्रकार जिले में 80.67 फीसदी लक्ष्य ही हासिल किया जा सका है.
क्‍या कहते हैं अधिकारी
फाइनल रिपोर्ट में डब्ल्यूएचओ ने एमडीए कार्यक्रम में गड़बड़ी पायी है. जिसे जांच रिपोर्ट में सौंपा गया है. इस विषय में दोबारा जांच की जायेगी.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >