एक प्राइवेट कंपनी में काम करता था युवक कंपनी ने उसे दी थी बाइक

नौ अप्रैल को कृष्णा सागर डैम के पास िमला था शव देवघर : नौ अप्रैल को मधुपुर के कृष्णा सागर डैम के निकट मिली अज्ञात लाश की पहचान बुधवार को हो गयी. मृतक की पहचान सारवां थाना क्षेत्र के बंदाजोरी पंचायत निवासी रितेश ओझा के रूप में हुई. बुधवार को जरमुंडी विधायक बादल पत्रलेख, बॉबी […]

नौ अप्रैल को कृष्णा सागर डैम के पास िमला था शव

देवघर : नौ अप्रैल को मधुपुर के कृष्णा सागर डैम के निकट मिली अज्ञात लाश की पहचान बुधवार को हो गयी. मृतक की पहचान सारवां थाना क्षेत्र के बंदाजोरी पंचायत निवासी रितेश ओझा के रूप में हुई. बुधवार को जरमुंडी विधायक बादल पत्रलेख, बॉबी जजवाड़े के साथ मृतक के पिता केशव चंद्र ओझा, चाचा धीरेंद्र नाथ ओझा, बड़े भाई दिनेश चंद्र ओझा, चचेरे भाई आदि देवघर अस्पताल पहुंचे. शव का चेहरा बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गया था. परिजनों ने कपड़े से शव की पहचान की. शव के शरीर पर नीले रंग का जिंस, बेल्ट व जूतों से उसकी पहचान हो सकी. परिजनों ने शव की हालत देखकर हत्या की आशंका जतायी है.
परिजनों का आरोप है कि रितेश को मारकर चेहरा पत्थर से कूच दिया गया है. रितेश का ब्लू रंग का ग्लैमर बाइक व मोबाइल भी गायब है. गाड़ी नयी थी. नंबर भी नहीं लिया गया था. पुलिस को दोनों से कुछ सुराग मिल सकती है. पुलिस बाइक बरामद करने में जुट गयी है. परिजनों का बयान दर्ज कर पुलिस ने शव उन्हें सौंप दिया है.
परिजनों ने बताया कि यह घटना रात में हुई है. रितेश ने नौ बजे रात एक ऑडियो दो दोस्तों के पास भेजा है. उसमें भीड़ की आवाज आ रही है. ऑडियो में एक लाइन भी साफ-साफ आवाज सुनाई पड़ रही है.
एसडीपीओ से मिल कर की जांच की मांग
विधायक बादल पत्रलेख के साथ मृतक के पिता केशव चंद्र ओझा, चाचा धीरेंद्र नाथ ओझा, चचेरे भाई एसडीपीओ दीपक पांडेय से सदर अस्पताल परिसर में शिकायत की. उनसे हत्या में शामिल लोगों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की मांग की. जरमुंडी विधायक बादल पत्रलेख ने एसपी नरेंद्र कुमार सिंह को फोन पर सारी जानकारी दी. उनसे हत्या की आशंका जताते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की.
दारोगा बहाली के लिए 50 अभ्यर्थियों की मेडिकल जांच
चार दिनों बाद भी सुमित का सुराग नहीं
उभरती प्रतिभा है सुमित
जुगाड़ तकनीक से सुमित ने मोबाइल से बिजली कंट्रोल के लिए पावर चीप, ड्रोन कैमरा, लेजर लाइट सिक्युरिटी सिस्टम आदि का निर्माण किया है. सुमित को लोग उभरती हुई प्रतिभा के रूप में जानते हैं.
दर्द से कराहती रही महिला, इमरजेंसी से डॉक्टर थे गायब
एसएनसीयू में नवजात आ रहे कम
आधुनिक सुविधा से लैस है यह यूनिट
अस्पताल के स्पेशल न्यू बोर्न केयर यूनिट में 12 बेड है, जो आधुनिक सुविधाओं से लैस है. सरकार बच्चों की मृत्यु दर कम करने के लिए बनाया गया है. यूनिट में वैसे नवजात का इलाज किया जाता है जो बच्चे समय से पहले जन्म ले लेते हैं. यहां छह फोटो थैरेपी व ऑक्सीजन की व्यवस्था की गयी है. इसके साथ स्टेप डाउन यूनिट भी संचालित किया जा रहा है. जहां बच्चों की स्थिति में सुधार होने के बाद रख कर बच्चे की मां को भी छोटे बच्चों की देखभाल करने की जानकारी दी जाती है. सुविधा को निजि अस्पताल में लेने के लिए लोगों को प्रतिदिन दो से चार हजार रुपये का खर्च उठाना पड़ रहा है. जबकि, यहां मुफ्त में इलाज किया जा रहा है.
कब कितने बच्चों का हुआ इलाज
माह इलाज की संख्या
दिसंबर 2017 में 20
जनवारी 2018 23
फरवरी 21
मार्च 19
अप्रैल अबतक 09

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