आंबेडकर पुस्तकालय में तोड़फोड़, छात्रों को पीटा

घूम-घूम कर करा रहे थे बंद लाइब्रेरियन व गार्ड के साथ मारपीट, की बदसलूकी पढ़ रहे छात्र-छात्राओं के साथ भी की गयी मारपीट लाइब्रेरियन टेबुल, लाइट बोर्ड, दरवाजा किया क्षतिग्रस्त पुस्तकालय के अंदर से ट्यूबलाइट व पर्दा भी नोच कर ले गये पुस्तकालय संचालन समिति के सचिव रामदेव प्रसाद दास ने अज्ञात 100 पर नगर […]

घूम-घूम कर करा रहे थे बंद

लाइब्रेरियन व गार्ड के साथ मारपीट, की बदसलूकी
पढ़ रहे छात्र-छात्राओं के साथ भी की गयी मारपीट
लाइब्रेरियन टेबुल, लाइट बोर्ड, दरवाजा किया क्षतिग्रस्त
पुस्तकालय के अंदर से ट्यूबलाइट व पर्दा भी नोच कर ले गये
पुस्तकालय संचालन समिति के सचिव रामदेव प्रसाद दास ने अज्ञात 100 पर नगर थाने में दर्ज कराया एफआइआर
देवघर : एससी-एसटी एक्ट पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिये फैसले के समर्थन में सोशल मीडिया के जरिये मंगलवार को बुलाये गये भारत बंद में बंद समर्थकों ने देवघर में जमकर उत्पात मचाया. बंद किसी संगठन द्वारा बंद नहीं बुलाया गया था, लेकिन सोशल मीडिया पर चल रहे संदेशों से प्रभावित होकर जेनरल केटेगरी के युवा भारत बंद के समर्थन में सड़कों पर उतरे.
इस दौरान बंद समर्थकों ने डॉ भीमराव आंबेडकर पुस्तकालय में प्रवेश कर बंद कराने की कोशिश की. इस दौरान वहां पढ़ रहे छात्र-छात्राओं सहित लाइब्रेरियन के साथ मारपीट व बदसलूकी की. गेट के बाहर पूर्वी दिशा में लाइट बोर्ड व दरवाजे को लाठी-डंडे से क्षतिग्रस्त कर दिया. लाइब्रेरियन का टेबुल तोड़ दिया. पुस्तकालय के अंदर ट्यूबलाइट, पर्दा आदि भी नोंच कर ले गये. इस संबंध में आंबेडकर पुस्तकालय संचालन समिति के सचिव रामदेव प्रसाद दास ने अज्ञात एक सौ लोगों पर नगर थाने में एफआइआर दर्ज कराया है.
जिक्र है कि दिन के लगभग 10:30 बजे लगभग एक सौ की संख्या में आरक्षण विरोधी असामाजिक तत्व के लोग लाठी-डंडे के साथ आंबेडकर पुस्तकालय के अंदर प्रवेश कर गये. वहां पढ़ रहे छात्र-छात्राओं के साथ हिंसक रूप से मारपीट करने लगे. गेट के बाहर पूर्वी तरफ लाइट बोर्ड, दरवाजा वगैरह लाठी-डंडे से मारकर क्षतिग्रस्त कर दिया. अंदर में लाइब्रेरियन को भी लाठी मारकर घायल किया. टेबुल तोड़ दिया, ट्यूबलाइट, पर्दा नोंचकर ले गये. गार्ड उपद्रवियों को देखकर दरवाजा बंद करना चाहा. उसके साथ भी मारपीट किया गया. पुस्तकालय के कई कीमती सामानों को क्षति पहुंचाया. पुस्तकालय में लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज से चिह्नित कर असामाजिक तत्वों पर कार्रवाई की मांग की गयी है और कड़ी सजा दिलाने की मांग की गयी.
पहले भी तोड़फोड़ का एफआइआर में जिक्र: एफआइआर में यह भी जिक्र किया गया है कि पूर्व में दो-तीन बार बाबा साहेब डॉ भीमराव आंबेडकर प्रतिमा के साथ तोड़फोड़ कर क्षतिग्रस्त की जा चुकी है.
आज सीसीटीवी फुटेज खंगालेगी पुलिस: मामले को पुलिस ने गंभीरता से लिया है. नगर थाना प्रभारी सह इंस्पेक्टर विनोद कुमार ने बताया कि बुधवार को आंबेडकर पुस्तकालय में लगे सीसीटीवी फुटेज खंगालकर हमलावरों व बंद समर्थकों की पहचान की जायेेगी. इसके पश्चात उनलोगों के नाम-पता की जानकारी एकत्र कर कोर्ट से वारंट लिया जायेगा. फिर उनलोगों की गिरफ्तारी के लिये छापेमारी अभियान चलाया जायेगा.
बंद रहे शहर के प्राइवेट स्कूल
बंद के दौरान सुबह करीब 8:30 बजे सबसे पहले बाइपास सर्कुलर रोड पर कुछ युवकों ने बीच सड़क पर बाइक लगाकर आवागमन बाधित कर दिया. सूचना मिलते ही नगर थाने के एएसआइ एसएन शर्मा व एएसआइ केएन शर्मा गश्ती दल के साथ 9:30 बजे वहां पहुंचे तथा आवागमन बाधित कर रहे युवकों को समझाकर हटाया. 10 बजे से उक्त मार्ग से जाम हटा. इससे पहले शहर के अधिकांश प्राइवेट स्कूलों ने भारत बंद की पूर्व सूचना को लेकर एहतियातन छुट्टी घोषित कर दी थी. वहीं बिग बाजार में भी दिनभर शटर गिरा रहा. टावर चौक पर भी होटलों व दुकानों में काफी देर तक शटर बंद रहे.
सत्संग चौक किया जाम
बंद को लेकर जेनरल वर्ग के छात्रों व युवाओं ने मिल कर सत्संग चौक पर सड़क जाम कर दिया. इस क्रम में दर्जनों युवकों व छात्रों का जत्था बीच सड़क पर बैठ गया. इससे देवघर-जसीडीह मुख्य मार्ग पर करीब आधे घंटे तक जाम लग गया. जाम की सूचना पर एसडीओ रामनिवास यादव, एसडीपीओ दीपक कुमार पांडेय, सीओ जयवर्द्धन कुमार, नगर थाना प्रभारी विनोद कुमार, जसीडीह थाना प्रभारी एसके महतो, मोहनपुर थाना प्रभारी दीपक कुमार, कुंडा थाना प्रभारी एसके झा पीसीआर, एसएटी पुलिस के साथ वहां पहुंचे व समझाने का प्रयास किया.
बंद समर्थकों को पुलिस ने खदेड़ा
सत्संग चौक पर जब बंद समर्थकों को समझाने का प्रयास किया, तो वे लोग पुलिस-प्रशासन से उलझ गये. इसके बाद बंद समर्थकों को पुलिस ने खदेड़ना शुरू किया. इसी बीच करीब 50 बाइक से युवकों की टोली वहां पहुंची. पुलिस ने सभी को खदेड़ा, तो वे लोग समाहरणालय गेट होकर आंबेडकर पुस्तकालय की तरफ गये. वहां हंगामे की स्थिति बन रही थी, तो पुलिस-प्रशासन ने सख्ती बरती. इसके बाद बाइक जत्थे में युवकों की टोली वीआइपी चौक होकर टावर चौक पहुंची. पुलिस-प्रशासन की टीम वहां भी आकर बंद समर्थकों को हटाने लगी, तो उनमें से कुछ मुख्य बाजार की तरफ तो कई प्राइवेट बस स्टैंड व बाजला चौक की तरफ चले गये.
प्रभात पक्ष
बंद के दौरान पुस्तकालय को निशाना बनाना सभ्य समाज की निशानी नहीं है. पुस्तकालय को बंद कराना सरासर गलत है. पुस्तकालय, जहां छात्र किताबें पढ़ने आते हैं. ज्ञान अर्जित करने आते हैं. वह स्थान किसी जाति, धर्म व राजनीति से परे होते हैं. वहां हुड़दंग करना सही नहीं है. दो अप्रैल को भारत बंद के दौरान भी अगर स्वत: स्फूर्त पुस्तकालय बंद रहा, तो वह भी गलत था. पुस्तकालय में सिर्फ ज्ञान की बातें होनी चाहिए. देश निर्माण की बातें होनी चाहिए, विभाजन की नहीं.
13 बंद समर्थक गिरफ्तार
बंद के दौरान 13 बंद समर्थकों को पुलिस ने गिरफ्तार कर नगर थाना लाया. गिरफ्तार बंद समर्थकों पंकज सिंह, कुणाल सिंह, सौरभ पाठक, बबलू कुमार, वरुण कुमार, अमन सिंह, मान्या सिंह, विकास कुमार, दीपक कुमार, शक्ति सिंह, रॉकी सिंह, रोहित कुमार सिंह व सोनू कुमार को अपराह्न बाद नगर थाना से पीआर लिखाकर छोड़ा गया. पुलिस ने इनलोगों को बताया कि दो अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट के फैसले के विरुद्ध जो बंद किया गया था, उसी के खिलाफ वे लोग बंद कराने सड़कों पर उतरे. इधर, अपराह्न बाद तक पदाधिकारी सहित पुलिसकर्मी चौक-चौराहों पर मुस्तैद रहे. हालांकि बंद उतना प्रभावी नहीं दिखा. प्राइवेट बसें व ऑटो समेत छोटी गाड़ियां दिनभर सड़कों पर चलती रही.

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