ग्रामीण क्षेत्रों में जरूरत के अनुसार पेयजलापूर्ति करने में विभाग पीछे

देवघर : ग्रामीण क्षेत्र में रहनेवाले लोग भूखे ही नहीं प्यासे भी रहते हैं. ग्रामीण क्षेत्रों में पीने का पानी नहीं मिल रहा है. पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के सर्वे के अनुसार, देवघर के ग्रामीण क्षेत्रों में प्रति व्यक्ति 70 लीटर पानी की आवश्यकता है, इसमें विभाग 40 लीटर पानी ही मुहैया करा पा रही […]

देवघर : ग्रामीण क्षेत्र में रहनेवाले लोग भूखे ही नहीं प्यासे भी रहते हैं. ग्रामीण क्षेत्रों में पीने का पानी नहीं मिल रहा है. पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के सर्वे के अनुसार, देवघर के ग्रामीण क्षेत्रों में प्रति व्यक्ति 70 लीटर पानी की आवश्यकता है, इसमें विभाग 40 लीटर पानी ही मुहैया करा पा रही है. पीएचइडी ने ग्रामीण क्षेत्रों में प्रति व्यक्ति को पानी मुहैया कराने के लिए चापानल व पाइप के जरिये जलापूर्ति का मापदंड तय कर रखा है. प्रति व्यक्ति पानी पहुंचाने के लिए विभाग की कई जलापूर्ति योजनाएं बंद हो गयी,

तो कई योजनाओं पर निर्धारित समय में काम चालू नहीं हुआ है. पाइप के जरिये जलापूर्ति की योजना जिले भर में दो दर्जन से अधिक गांव में फ्लॉप हो चुकी है. कई जगह जलमीनार बेकार हो चुके हैं. नयी पाइप जलापूर्ति योजना में देवीपुर, कुशमील व करौं प्रखंड में गर्मी शुरू होने के बाद भी काम चालू नहीं हो पाया है. नयी जलापूर्ति योजना फाइलों में ही दौड़ रही है. पीएचइडी के आंकड़ों में जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में 21 हजार चापानल हैं. इसमें दो हजार चापानल बंद हैं. विभाग इन खराब चापानलों को ठीक करने में अभी भी लगी हुई है.

शहरी क्षेत्र में जरूरत 135 व आपूर्ति 55 लीटर : सर्वे के अनुसार शहरी क्षेत्र में 135 लीटर प्रति व्यक्ति पानी की आवश्यकता है, इसमें आपूर्ति 55 लीटर प्रति व्यक्ति ही नगर निगम कर पा रही है. इसमें चापानल समेत पाइप जलापूर्ति का संसाधन जुड़ा है. नगर निगम शहरी क्षेत्र में जरूरत के अनुसार जलापूर्ति करने के लिए पुनासी जलाशय योजना के निर्माण पर ही निर्भर है. पुनासी जलाशय योजना से शहर को पानी देने की योजना पीएचइडी ने बनायी है.

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