कर्जदारों में दो मुखिया का भी नाम शामिल
देवघर: पंजाब नेशनल बैंक से 11.5 हजार करोड़ रुपये लोन लेकर देश से फरार निरव मोदी को केंद्र सरकार तो नहीं खोज पायी, लेकिन झारखंड की सरकार ने राज्य को-ऑपरेटिव बैंक से मात्र 11 हजार रुपये लोन नहीं चुकाने वाले किसान के खिलाफ बॉडी वारंट जारी कर दिया है. को-ऑपरेटिव बैंक ने देवघर के कुल 30 कर्जदारों के खिलाफ बॉडी वारंट जारी किया है.
को-ऑपरेटिव सोसाइटी एक्ट के तहत विभागीय काेर्ट से जिन 30 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गयी है, उनके जसीडीह, मधुपुर व सारठ को-ऑपरेटिव बैंक शाखा से लोन लेनेवाले लोगों के नाम शामिल हैं. जिन 30 कर्जदारों के नाम शामिल हैं, उसमें जसीडीह को-कॉपरेटिव बैंक से 11 हजार का लोन लेने वाले छोटा नौखिल गांव निवासी प्रमोद रजक हैं. 11 हजार का लोन नहीं चुकाने के कारण प्रमोद के खिलाफ बॉडी वारंट जारी हो चुका है.
इस सूची में सारठ पंचायत के मुखिया अनिल कुमार राव व कियाजोरी मधुपुर के मुखिया शबा परवीन का नाम भी शामिल है.
को-ऑपरेटिव बैंक ने विभिन्न योजनाओं के तहत लोन वर्षों पहले बांटा था. लोन की वसूली के लिए कई बार नोटिस भी भेजी गयी थी. इसके बाद भी पैसा नहीं चुकाने पर सर्टिफिकेट केस दर्ज कर गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया.
