दो को बांड पर छोड़ा तथा दो को मिला संदेह का लाभ
देवघर : मारपीट के एक पुराने मामले के छह नामजदों में से दो दिनेश यादव व नरेश यादव को जिला जज प्रथम अजीत कुमार की अदालत ने दोषी पाया तथा दोनों को चार-चार साल की सश्रम सजा सुनायी गयी. साथ ही उन्हें 15-15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया. जुर्माना की राशि नहीं देने पर तीन माह अलग से सजा काटनी होगी. वहीं दो अारोपितों सुरेश यादव व गणेश यादव को बांड पर छोड़ा गया, जबकि अन्य दो नामजद बल्ली यादव व देवेंद्र यादव को संदेह का लाभ देते हुए रिहा कर दिया गया.
सभी आरोपित नगर थाना के पुरनदाहा मुहल्ला के रहनेवाले हैं. जमीन को लेकर जानलेवा मारपीट की घटना हुई थी व नगर थाना में जख्मी कुंती देवी ने मुकदमा दर्ज कराया था. ट्रायल के दौरान अभियोजन पक्ष से आठ गवाही दी गयी व दो नामजद के विरुद्ध दोष सिद्ध करने में सफल रहे. मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष से अपर लोक अभियोजक ब्रह्मदेव पांडेय व बचाव पक्ष से एडवोकेट सुरेश यादव ने पक्ष रखा.
10 मई 2008 को हुई थी घटना : नगर थाना क्षेत्र के पुरनदाहा मुहल्ले में जमीन को लेकर आपस में मारपीट की घटना 10 मई 2008 को हुई थी. इस संदर्भ में रड व टांगी के वार से गंभीर रूप से जख्मी कर दिया गया था. जख्मी कुंती देवी के बयान पर नगर थाना में एफआइआर दर्ज हुआ था जिसमें कुल छह लोगों को नामजद किया गया था. सभी आरोपित उसी मुहल्ले के रहनेवाले हैं. पुलिस ने अनुसंधान के बाद चार्जसीट दाखिल किया व केस को सेशन जज के यहां ट्रायल के लिए भेजा गया. ट्रायल के दौरान जानलेवा हमला की पुष्टि नहीं हुई, लेकिन मारपीट का दोषी पाकर उक्त सजा सुनायी गयी. इस मामले में नौ साल बाद फैसला आया.
