शहर को चाहिए हर रोज 25 मिलियन लीटर पानी

देवघर : देवघर नगर निगम अबतक निगम क्षेत्र के सभी घरों तक पेयजल नहीं पहुंचा सका है. इस कारण गर्मी आते ही पेयजल के लिए हाहाकार मच जाता है. निगम क्षेत्र के आधे घरों तक कभी पानी का कनेक्शन नहीं पहुंचा है. इस समय शहर में 50 हजार से अधिक होल्डिंग धारक हैं, जबकि पुराना […]

देवघर : देवघर नगर निगम अबतक निगम क्षेत्र के सभी घरों तक पेयजल नहीं पहुंचा सका है. इस कारण गर्मी आते ही पेयजल के लिए हाहाकार मच जाता है. निगम क्षेत्र के आधे घरों तक कभी पानी का कनेक्शन नहीं पहुंचा है. इस समय शहर में 50 हजार से अधिक होल्डिंग धारक हैं, जबकि पुराना व नया कनेक्शन मिला कर करीब 12 हजार लोगों को ही पेयजलापूर्ति का कनेक्शन मिला है. सप्लाइ वाटर का कनेक्शन लेने के बाद भी नियमित पानी नहीं मिल पा रहा है. उन्हें दो से तीन दिन का इंतजार करना पड़ता है.

शहर की आबादी के अनुसार 25 एमएलडी (मिलियन लीटर डेली) पानी की जरूरत है और निगम की ओर से मात्र नौ एमएलडी पानी सप्लाई की जा रही है. निगम ने अब तक मास्टर प्लान बना कर पानी पर काम नहीं किया. अब चापाकल के सहारे पानी समस्या दूर करना चाह रही है. मार्च माह में ही नदी-तालाब सूख रहा है. जेसीबी से नदी को चीर कर पानी निकाला जा रहा है. उसे शहर में सप्लाइ की जा रहा है. इसमें कभी बिजली की समस्या, तो कभी शहर में नया निर्माण कार्य इसे प्रभावित कर रही है. शहरवासियों को पानी समस्या से स्थायी समाधान पुनासी डैम चालू होने के बाद ही हो सकेगा.

इसे विभाग भी स्वीकार कर रही है. फिलहाल शहर को जोन वन व जोन टू में बांट कर पानी की सप्लाइ कर रही है. इसमें भी नियमित पानी नहीं मिल रहा है.

2006 के प्लानिंग पर चल रहा है काम : नगर निगम अभी तक 2006 के प्लानिंग पर ही काम चला रहा है. आइवीआरसी ने नगर पालिका के समय लगभग 48 करोड़ की योजना से पाइप बिछाया था. कंपनी ने 2011 को हैंडओवर किया था. उसी योजना का लाभ अब तक जनता को दिया जा रहा है. निगम अपने स्तर से मास्टर प्लान बना कर पाइप का विस्तारीकरण नहीं किया है. कंपनी ने उस समय के मुख्य सड़कों में पाइप बिछ गया है, लेकिन वर्तमान समय बसे नये कॉलोनियों में पाइप नहीं बिछ पाया है.
किस नदी से जाता है दोनों जोन में पानी : शहर को जोन वन व जोन टू में बांट कर पानी दिया जा रहा है. जोन वन एरिया में डढ़वा नदी से पानी दिया जा रहा है. जबकि जोन टू में नवाडीह से पानी दिया जा रहा है.
किस नदी से कितना एमएलडी आता है पानी : बसुआडीह नदी से साढ़े तीन एमएलडी, डढवा नदी से साढ़े तीन एमएलडी, बाजार समिति एक एमएलडी, पातालडीह से एक एमएलडी वाटर सप्लाइ हो रहा है.
डढ़वा नदी से जाेन वन में व नवाडीह से जोन टू में जाता है पानी
स्पेशल फीडर लगने से मिलती कुछ राहत
निगम क्षेत्र में हैं 50 हजार हैं होल्डिंग धारक
10 हजार है पुराना कनेक्शन, 2369 लोगों ने लिया है नया कनेक्शन
टैंकर से दो जगह हो रही है सप्लाइ
बोर्ड का निर्णय हवा-हवाई
निगम के संपूर्ण बोर्ड की बैठक में कई बार शहरी क्षेत्र में पेयजल समस्या दूर करने पर प्रस्ताव पारित किया गया है. यह कागज पर ही रखा रहता है. अभी तक कई मुहल्ला में पाइप विस्तार नहीं हुआ है. निगम की ओर से पानी समस्या से बचाने के लिए टैंकर से पानी सप्लाइ की जाती है. इसके लिए आवेदन देना पड़ता है. वार्ड पार्षद की अनुशंसा पर सलौनाटांड़ मुहल्ला और बैद्यनाथ धाम स्टेशन पर टैंकर से पानी सप्लाइ की जा रही है.
क्या कहते हैं पानी प्रभारी
पानी प्रभारी समीर सिन्हा ने कहा कि वर्तमान समय में पानी की किल्लत नहीं है. कुछ तकनीकी कारणों से वाटर सप्लाइ में बाधा उत्पन्न हो जाता है. कभी बिजली कट जाती है तो कभी नित्य नये निर्माण कार्यों में जेसीबी से मुख्य सप्लाइ वाटर पाइप फट जाता है. डढ़वा नदी, बसुआडीह, बाजार समिति, पातालडीह में पर्याप्त पानी है.
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क्या कहती हैं लिपिक
पैसे निकासी के पूर्व तत्कालीन सीएस डॉ एससी झा व विभागीय निदेशक रांची को आवेदन दिया था. इसके बाद पूर्व डीएलओ डॉ सुनील कुमार सिन्हा के आदेश पर बर्खास्तगी अवधि के वेतन की निकासी की. वर्तमान डीएलओ मुझे बेवजह परेशान कर रहे हैं.
अंजनी सिन्हा, लिपिक राजकुमारी कुष्ठाश्रम

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