अब निर्धारित होगा रुद्राभिषेक का समय
मंदिर प्रबंधन धर्मरक्षिणी के साथ करेगा बैठक
भक्त के साथ रुद्राभिषेक करने पर होगा प्रतिबंध
देवघर : बाबा मंदिर में सुलभ जलार्पण कराने के लिए प्रशासन व मंदिर प्रबंधन के साथ पुरोहित समाज भी सजग हो रहा है. मंदिर के गर्भगृह में निकास द्वार से प्रवेश करने पर भक्तों को होने वाली असुविधा को देखकर प्रबंधन पुरोहित समाज को पास उपलब्ध कराने पर विचार कर रही है. इसके लिये प्रबंधन स्थानीय पुरोहित समाज को पूजा में सुविधा देने के लिये तैयार है.
जानकारी के अनुसार, मंदिर प्रशासन जल्द ही सरदार पंडा व पंडा धर्मरक्षिणी के साथ बैठक कर इसे अमल में लाने की तैयारी कर रही है.
फैक्ट शीट
कांचा जल में रोजाना आने वाले करीब दो सौ
सरकारी पूजा में हर दिन करीब दो सौ
श्रृंगार पूजा में रहते हैं करीब तीस से चालीस
भक्त के साथ रुद्राभिषेक करने पर होगा प्रतिबंध
जानकारी के अनुसार, मंदिर का पट खुलने के साथ ही लगातार श्रद्धालुओं के रुद्राभिषेक के चलन से बाबा को चारों तरफ से घेर लिया जाता है. इससे भक्तों को जलार्पण करने में असुविधा तो होती ही है, भीड़ के दिनों में कतार आगे बढ़ने की गति काफी धीमी हो जाती है. इससे कंट्रोल करने में परेशानियों का सामना करना पड़ता है. प्रबंधन यात्री की मौजूदगी में रुद्राभिषेक करने की चलन पर प्रतिबंध लगाने का विचार कर रही है. अब दोपहर एक बजे के बाद रुद्राभिषेक का समय तय कर इसे पूरी कड़ाई से लागू करने के लिए सरदार पंडा व सभा के समक्ष प्रस्ताव रखा जायेगा.
