सकुशल तो लौटे, पर सदमे में शाखा प्रबंधक

देवघर/जमुई : अपराधियों के चंगुल से अपहृत शाखा प्रबंधक सकुशल घर वापस लौटे, परिवार जन अपने आदमी को सकुशल वापस पाकर राहत की सांस अवश्य ले रहे हैं. लेकिन अपराधियों के कारगुजारी से अपहर्ता के चंगुल से छुटे शाखा प्रबंधक के परिजन और बैंक कर्मी भय के साये में है. इसका उदाहरण बैंक कर्मी राजकुमार […]

देवघर/जमुई : अपराधियों के चंगुल से अपहृत शाखा प्रबंधक सकुशल घर वापस लौटे, परिवार जन अपने आदमी को सकुशल वापस पाकर राहत की सांस अवश्य ले रहे हैं. लेकिन अपराधियों के कारगुजारी से अपहर्ता के चंगुल से छुटे शाखा प्रबंधक के परिजन और बैंक कर्मी भय के साये में है.

इसका उदाहरण बैंक कर्मी राजकुमार पासवान के घर के वर्तमान हालात से देखने को मिलता है. शाखा प्रबंधक के घर आने के बाद भी लोग कुछ भी जानकारी देने से परहेज कर रहे हैं. हालात यह है कि उनके घर में कर्फ्यू-सा नजारा है, लोग स्तब्ध हैं.
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अपहृत बैंक पदाधिकारी को बीते बुधवार की देर रात बांका जिला के सुईया पहाड़ के क्षेत्र में मुक्त किया है. वे सीधे झारखंड प्रदेश के देवघर स्थित अपने आवास पर पहुंचे. पुलिस कह रही है कि पुलिसिया दबिश के कारण ही अपहृत को मुक्त किया गया है.
पुलिस की दबिश के कारण ही अपहर्ता उन्हें छोड़ कर फरार हो गये हैं. घटना में संलिप्त अपराधियों के गिरफ्तारी को लेकर लगातार छापेमारी की जा रही है. जल्द ही अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया जायेगा.
जे रेड्डी, पुलिस अधीक्षक, जमुई
पूर्व में रकम लेकर ही मुक्त किये गये थे बैंक
कर्मी
पूर्व भी कई बैंक कर्मी को अपहरणकर्ता ने भारी भरकम रकम लेकर ही मुक्त किया. 2010 में ग्रामीण बैंक बोड़वा के प्रबंधक नरेश कुमार का अपहरण, 2015 में ग्रामीण बैंक बोड़वा के ही शाखा प्रबंधक और कैशियर का अपहरण, दो फरवरी को झाझा स्थित केनरा बैंक के शाखा प्रबंधक और फील्ड आफिसर का अपहरण कर वसूली हुआ था.

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