कांटा-तराजू सत्यापन नहीं कराने वालों पर कार्रवाई की तैयारी

सौ व्यवसायियों ने कांटा-तराजू का सत्यापन नहीं कराया है देवघर : जिले में कई व्यवसायी ऐसी हैं जिन्होंने कांटा-तराजू का सत्यापन नहीं कराया है. मापतौल विभाग जिले भर के ऐसे डिफॉल्टर व्यवसायियों पर कार्रवाई करने की तैयारी कर ली है. विभाग के अनुसार जिले भर में चार हजार कांटा-तराजू वाले व्यवसायी रजिस्टर्ड हैं. इसमें से […]

सौ व्यवसायियों ने कांटा-तराजू का सत्यापन नहीं कराया है

देवघर : जिले में कई व्यवसायी ऐसी हैं जिन्होंने कांटा-तराजू का सत्यापन नहीं कराया है. मापतौल विभाग जिले भर के ऐसे डिफॉल्टर व्यवसायियों पर कार्रवाई करने की तैयारी कर ली है. विभाग के अनुसार जिले भर में चार हजार कांटा-तराजू वाले व्यवसायी रजिस्टर्ड हैं. इसमें से वर्तमान में करीब एक सौ व्यवसायियों ने कांटा-तराजू का सत्यापन नहीं कराया है. इन्हें विभाग ने डिफॉल्टर घोषित किया है. इन सभी पर अप्रैल के पहले सप्ताह में नोटिस भेजने की तैयारी है. नोटिस के बाद अगर 15 दिनों के अंदर सत्यापन नहीं कराया, तो एफआइआर के अलावा कम से कम पांच हजार रुपया दंड वसूला जायेगा. यह जानकारी मापतौल विभाग के निरीक्षक प्रदीप कुमार ने दी.
क्या है नियम
विभाग के नियमानुसार मेनुअल कांटा को हरेक दो साल में व इलेक्ट्रॉनिक कांटा को हरेक साल विभाग में सत्यापन करना अनिवार्य है. नहीं कराने वाले को विभाग की ओर से डिफॉल्टर घोषित कर कार्रवाई का प्रावधान है.
जिले भर में चार हजार व्यवसायी विभाग में हैं रजिस्टर्ड
एक सौ व्यवसायी हो गये है डिफॉल्टर

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