छह साल में नहीं शुरू हुआ जगदीशपुर एपीएचसी

विभागीय उदासीनता का दंश झेल रहा एपीएचसी केंद्र पर अब तक चिकित्सक व स्वास्थ्यकर्मियों की नहीं हुई तैनाती मधुपुर : वर्ष 2012 में जगदीशपुर में स्वास्थ्य विभाग की ओर से एक करोड़ 32 लाख की लागत से बनाये गये उप स्वास्थ्य केंद्र का लाभ ग्रामीणों को छह साल बाद भी नहीं मिल सका है. यह […]

विभागीय उदासीनता का दंश झेल रहा एपीएचसी

केंद्र पर अब तक चिकित्सक व स्वास्थ्यकर्मियों की नहीं हुई तैनाती

मधुपुर : वर्ष 2012 में जगदीशपुर में स्वास्थ्य विभाग की ओर से एक करोड़ 32 लाख की लागत से बनाये गये उप स्वास्थ्य केंद्र का लाभ ग्रामीणों को छह साल बाद भी नहीं मिल सका है. यह केंद्र विभागीय उदासीनता का दंश झेल रहा है.

इस केंद्र पर अब तक चिकित्सक, एएनएम समेत किसी भी पद की स्वीकृति नहीं दी गयी है. इसके कारण लोगों को आज भी अनुमंडलीय अस्पताल पर निर्भर रहना पड़ रहा है. अब उप स्वास्थ्य केंद्र जर्जर होने लगा है. इसकी खिड़की का शीशा टूट कर गिरने लगा है. ग्रामीणों का कहना है कि भवन बनने के बाद आस जगी थी कि स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य सुविधा मिलेगी. केंद्र पर दो चिकित्सकों समेत आठ कर्मियों के लिए आवासीय सुविधा भी उपलब्ध है. इसके अलावा पेयजलापूर्ति, बिजली आदि भी भवन में दिया गया है. इधर जगदीशपुर के ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग से उपस्वास्थ्य केंद्र को चालू कराये जाने की मांग की है.

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