बढ़ती गरमी व सूखती नदियों को देखते हुए उठाया कदम
देवघर. मार्च का एक पखवारा ही गुजरा है कि ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट गहराने लगा है. ग्रामीण क्षेत्र के लोगों के हलक अभी से सूखने लगे हैं. इस परिस्थिति में पेयजल व स्वच्छता विभाग के पदाधिकारियों व कर्मियों पर पेयजल मुहैया कराये जाने की जिम्मेवारी बढ़ गयी है. सरकार की अोर से भीषण गर्मी की आशंका को देखते हुए एक अप्रैल से 30 जून तक पेयजल स्वच्छता विभाग के सभी पदाधिकारी व कर्मचारियों की छुट्टी रद्द करने की घोषणा की गयी है. इससे विभागीय कर्मी समस्या को निबटाने में स्वत: रुचि लेकर काम करेंगे. हालांकि विभाग की अोर से ग्रामीण क्षेत्रों में लघु ग्रामीण जलापूर्ति योजना के जरिये लोगों को पानी मुहैया कराने का प्रयास जारी है.
सोलर आधारित लघु ग्रामीण जलापूर्ति योजना: पीएचइडी, देवघर प्रमंडल अंतर्गत दर्जनों पंचायतों व गांवों में सोलर आधारित लघु ग्रामीण जलापूर्ति योजनाएं चल रही है.
वहीं कई पंचायतों में काम पूरा होने को है. योजना के तहत धूप में सोलर प्लेट चार्ज होगा. उससे जलापूर्ति योजना का समरसेबल पंप संचालित होकर जलमीनार में पानी स्टोर होगा. उसे निर्धारित अवधि में ग्रामीणों को आपूर्ति होगी.
कंट्रोल रूम तक पहुंची 600 शिकायतें : ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल समस्या दूर करने के इरादे से पीएचइडी,देवघर डिवीजन की अोर से कार्यालय परिसर में लगभग एक माह पूर्व ही कंट्रोल रूम बनाकर हेल्पलाइन नंबर (06432-237305) जारी किया गया है. जहां ग्रामीणों ने अब तक 600 से अधिक चापानलों के खराब होने व मरम्मत कराने की अपील भी की है.
जनप्रतिनिधि भी लगातार दे रहे हैं सूचना
कंट्रोल रूम से जानकारी के अनुसार, चापानलों की खराबी से संबंधित सूचनाएं सबसे ज्यादा जनप्रतिनिधियों की अोर से दी जा रही है. उन सूचनाओं को एकत्र कर उनके निष्पादन की भी प्रक्रिया चल रही है.
विशेष परिस्थिति में सचिव स्तर से मिलेगी छुट्टी : इइ
मुख्यालय के निर्देश पर जल संकट को देखते हुए पहली अप्रैल से पीएचइडी कर्मियों की छुट्टियां रद्द कर दी गयी है. वहीं विशेष परिस्थिति (शादी-विवाह, दाह संस्कार सहित अन्य) में विभागीय सचिव से आवेदन देकर छुट्टियां ली जा सकती है. फिलहाल सूचनाअों के बाद अब तक सौ से अधिक शिकायतों को दूर किया जा चुका है.
राजेश रंजन, इइ, पीएचइडी, देवघर प्रमंडल
