बिजली विभाग ने पीटीआई व केजीबीए, देवीपुर के प्राचार्य के नाम भेजा 16.50 लाख रुपये का बकाया बिल
नगर निगम के सीइअो पर लाखों का बकाया सहित डीसी, सीएस, सिविल एसडीअो व बीएसएनएल के अधिकारी के नाम बकायेदारों की लंबी फेहरिस्त
देवघर : देवघर में लगभग चार दर्जन सरकारी कार्यालयों व संस्थानों पर बिजली विभाग का लगभग 5.50 करोड़ रुपये से अधिक राशि बकाया है. इनमें देवघर नगर निगम व पेयजल एवं स्वच्छता विभाग का नाम मुख्य बकायेदारों में शामिल है, जिन पर बिजली विभाग का लगभग 1.5 करोड़ बकाया है. विभाग ने इन विभागों पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं की है. वहीं पंचायत प्रशिक्षण संस्थान (पीटीआइ) के प्राचार्य व कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय, देवीपुर पर 16.50 लाख रुपये का बिल बकाया है. इसके अलावा डीसी, सिविल सर्जन, सिविल एसडीअो व बीएसएनएल के अधिकारी के नाम भी बकायेदारों की फेहरिस्त में शामिल हैं.
विभागीय अधिकारी की मानें, तो बिजली विभाग द्वारा समय-समय पर इन सरकारी संस्थानों को बकाया राशि की जानकारी दी जाती रही है. इस वर्ष फरवरी महीने के आखिरी सप्ताह में ही सभी सरकारी विभागों का बिल निकालकर संबंधित विभाग के पदाधिकारी को सौंपते हुए बिल भुगतान की अपील की है. साथ ही मुख्यालय स्तर पर एडजस्टमेंट की भी बातें कही जा रही है. विभाग द्वारा अब ऐसे बकायेदारों की सूची बनाकर उन्हें नोटिस भेजने की तैयारी की जा रही है. उपरोक्त आंकड़े सिर्फ देवघर व जसीडीह विद्युत सब डिवीजन के हैं. इसके अलावा सारठ व मधुपुर विद्युत सब डिवीजन क्षेत्र में भी दर्जनों सरकारी कार्यालय हैं. उन पर भी लाखों रुपये के बकाये की सूचना है. मगर आंकड़े नहीं होने के कारण बकाये की कुल राशि में नहीं जोड़ी गयी है.
आम उपभोक्ताअों पर होती है दंडात्मक कार्रवाई
एक आम उपभोक्ता का एक सीमा से अधिक बकाया होने पर उस पर विभाग द्वारा तुरंत दंडात्मक कार्रवाई करते हुए उसका कनेक्शन काट दिया जाता है और उससे जुर्माना भी वसूला जाता है. जबकि सरकारी संस्थानों को लेकर विभाग के इस दोहरे मापदंड पर आम बिजली उपभोक्ताओं द्वारा सवाल उठाये जा रहे है.
कहते हैं कार्यपालक अभियंता
आम उपभोक्ताअों के साथ-साथ सरकारी विभागों पर भी करोड़ों का बिल बकाया है. फरवरी के पहले सप्ताह में बिल के साथ नोटिस विभागों को सौंपा गया है. ताकि बिल का स्थानीय कार्यालय में भुगतान हो या ऐसा नहीं होने पर विभागीय स्तर पर एडजस्टमेंट ही हो.
डीएन साहु, कार्यपालक अभियंता, विद्युत विभाग
