प्रभात खबर है आयोजन का मीडिया पार्टनर
11 मार्च को बाजला कॉलेज से देवघर कॉलेज तक लगेगी दौड़
मैराथन में शामिल होने महिलाओं व युवतियों को किया जा रहा जागरूक
देवघर : अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर 11 मार्च (रविवार) को इनर ह्वील क्लब व रोटरी क्लब, देवघर के संयुक्त प्रयास से मैराथन ‘उड़ान’ का आयोजन किया जा रहा है.
आयोजन में अब महज पांच दिन शेष बचे हैं. मैराथन में देवघर की महिलाएं व लड़कियां बॉजला कॉलेज से देवघर कॉलेज तक दौड़ लगायेंगी. मैराथन की तैयारी को लेकर रोटरी व इनर व्हील क्लब से जुड़े पदाधिकारियों व सदस्यों की अोर से शहर के चौराहों पर बैनर-पोस्टर व फ्लैक्स लगाया जा रहा है.
क्लब के सदस्यों ने सोमवार को शहर के एएस कॉलेज के समीप, वीआइपी चौक के समीप, सत्संग चौक, कास्टर टाउन, बिग बाजार, झौंसागढ़ी मुहल्ला, बॉजला कॉलेज सहित तकरीबन 40 स्थलों पर मैराथन से संबंधित बैनर लगा दिये हैं. इससे पूरे शहर में मैराथन को लेकर माहौल बन गया है. कल सुबह से चौक-चौराहों में मैराथन से संबंधित 100 से अधिक फ्लैक्स भी लगाये जायेंगे.
जो शहर की महिलाअों व युवतियों को मैराथन उड़ान में भाग लेने के लिए प्रेरित करेगा. रोटरी क्लब, देवघर शाखा के पूर्व चेयरमैन पीयूष जायसवाल ने बताया कि अभी तो ये झलकियां है. दो-तीन दिनो में मैराथन को लेकर शहर की सूरत बदल जायेगी. दूसरी अोर क्लब की महिला सदस्य महिलाअों से लगातार संपर्क साध रही हैं. ताकि, 11 मार्च को मैराथन में अधिक से अधिक महिलाएं व युवतियां शामिल हो सके.
महिलाओं ने कहा: हौसलों को मिलेगी उड़ान
मैराथन दौड़ ‘उड़ान’ को लेकर महिलाओं-युवतियों में खासा उत्साह देखा जा रहा है. महिलाओं ने उड़ान कार्यक्रम को लेकर अपने विचार प्रस्तुत किये हैं.
देवघर की दर्जनों महिलाएं अलग-अलग रूप में महिला उत्थान के लिए प्रयास करती हैं. मगर अब उड़ान के जरिये सभी एक प्लेटफार्म में साथ खड़े होने की तैयारी में हैं.
पायल कुमारी, गृहिणी
एक नारी ही दूसरी नारी को स्वावलंबी बना सकती है. ऐसे में इनर व्हील व रोटरी क्लब के सदस्य लगातार मेहनत कर रहे हैं. ताकि, अधिक से अधिक महिलाअों को एक मंच पर लाया जा सके.
जूली कुमारी, गृहिणी
मैराथन को लेकर जितनी भी महिलाअों से बातें की है. उनसे बात करने पर लगा कि वो उड़ान को लेकर उत्साहित हो रही हैं. मैराथन के लिए अन्य महिलाअों को प्रेरित कर रहे हैं.
रत्ना केसरी, गृहिणी
देवघर जैसे छोटे शहर में जहां महिलाअों के लिए कम अवसर हैं. देवघर जैसे शहर में इस तरह का आयोजन महिलाअों के लिए मील का पत्थर साबित होगा.
सौम्या भगत, छात्रा(सीएस)
