बगैर पानी के चेक डैम में बर्बाद हुए एक करोड़

विभाग ने कहा : पैसा नहीं मिला तो अधूरे में बंद करनी होगी योजना देवघर : बरसात के पानी को छोटी-छोटी जोरिया में चेक डैम के जरिये रोक कर सिंचाई करने की योजना देवघर में अटक गयी है. केंद्र सरकार की राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (आरकेवीवाइ) के अंतर्गत बिरसा मुंडा पक्का चेक डैम निर्माण का […]

विभाग ने कहा : पैसा नहीं मिला तो अधूरे में बंद करनी होगी योजना

देवघर : बरसात के पानी को छोटी-छोटी जोरिया में चेक डैम के जरिये रोक कर सिंचाई करने की योजना देवघर में अटक गयी है. केंद्र सरकार की राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (आरकेवीवाइ) के अंतर्गत बिरसा मुंडा पक्का चेक डैम निर्माण का काम पिछले तीन वर्षों से बंद है. केंद्र सरकार से कृषि विभाग ने तीन वर्षों के दौरान इस योजना में फूटी कौड़ी तक नहीं दी है. इस वजह से देवघर में 23 चेक डैम अधूरा रह गया व इसमें पहले से खर्च एक करोड़ रुपये बर्बाद हो गया है.
आरकेवीवाइ से वित्तीय वर्ष 2015-16 में कृषि विभाग के भूमि संरक्षण कार्यालय से जिले में कुल 46 बिरसा पक्का चेक डैम की स्वीकृति मिली थी. कुल चार करोड़ की योजना में केंद्र सरकार ने पहले वर्ष में एक करोड़ रुपये एडवांस में दिया. प्रति चेक डैम में 13.5 लाख रुपये खर्च करने की योजना थी. इस राशि से 23 चेक डैम में 50 से 60 फीसदी ही काम हो पाया, शेष काम पैसे के अभाव में बंद हो गया. चेक डैम के निर्माण का जिम्मा गांव की लाभुक समिति को दिया था. पैसा नहीं मिलने की वजह से लाभुक समिति ने भी काम करने से हाथ खड़ा कर दिया. इस बीच भूमि संरक्षण पदाधिकारी से लेकर कृषि निदेशक तक के अधिकारियों ने केंद्रीय कृषि निदेशालय को पैसे का डिमांड भेजा है, लेकिन तीन वर्षों में केंद्र ने दोबारा इस मद में पैसा ही नहीं भेजा.
यहां शुरू हुआ था काम
पालोजोरी : सितलोडीह, भुरकुण्डी, बांधडीह, डुमरकोला, महुआडाबर, शेखरनवाडीह, बेदिया, कोयरी जमुआ, पथरघटिया, अम्बा, बगजोरी, हेमलाडीह-2, डुमरिया
सारठ : तांगीडीह, सिकटिया, लगवां, सारठ, माथाटांड़, मोढ़हाबाड़ी.
करौं : सिरिया व कोलडीह.
देवघर : जुरामुहो व तिलैया
सोनारायठाढ़ी: ब्रह्मदेवली
920 एकड़ सिंचाई की योजना हुई फ्लॉप
इस योजना में प्रति चेक डैम से 20 एकड़ भूमि में सिंचाई करने का लक्ष्य था. एक चेक डैम में करीब डेढ़ मीटर पानी ठहराव होने से कुल 46 चेक डैम से 920 एकड़ भूमि को पानी देने की योजना थी. खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए चेक डैम में पंप हाउस व कुआं कुछ जगह बनाया गया है. भूमि संरक्षण कार्यालय के अनुसार 46 चेक डैम में तीन करोड़ रुपये की बकाया राशि में ढ़ाई करोड़ लाभुक समिति को भुगतान करना है. इसमें सात चेक डैम का काम पूरा भी हो चुका है व 23 अधूरा है. शेष 16 चेक डैम में छिटपुट ही काम हुआ है. अगर केंद्र सरकार से तीन करोड़ रुपया समय पर मुहैया करा दिया जाता, तो शायद सभी 46 चेक डैम से किसानों के खेतों में पानी पहुंच पाता व हरियाली छायी रहती.
15 बार भेजी गयी डिमांड
भूमि संरक्षण सर्वेक्षण पदाधिकारी रामकुमार सिंह ने कहा कि आरकेवीवाइ का पैसा तीन करोड़ रुपये की डिमांड कृषि निदेशक को भेजी गयी है. अब तक 15 बार डिमांड पत्र भेजा जा चुका है. इस योजना में 75 फीसदी केंद्र व 25 फीसदी राज्य सरकार का अंशदान था. सात चेक डैम का ही काम पूरा हुआ है. काम अधूरा रहने पर चेक डैम कमजोर हो रहे हैं. अगर मार्च तक राशि नहीं मिली, तो योजना बंद करनी पड़ सकती है. मार्च से पहले भुगतान आवश्यक है.

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