नहीं शुरू हो सके ब्लड बैंक, एक्स- रे, अल्ट्रासाउंड व इसीजी
नहीं मिलती है सिजेरियन ऑपरेशन की सुविधा
सारवां : ऑपरेटर नहीं रहने की वजह से सारवां सीएचसी में मरीजों की जांच के लिए खरीदी गयी एक्स-रे, अल्ट्रा साउंड व इसीजी मशीनें तीन साल से बेकार पड़ी हैं. खरीद कर आने के बाद इनका ट्रायल तक नहीं हो सका है. इस सीएचसी पर सारवां व सोनारायठाढ़ी दो प्रखंडों के एक लाख 70 लोगों की स्वास्थ्य की देखभाल की जवाबदेही है. ओपीडी के आंकड़ों पर नजर डालें तो हर दिन यहां सारवां, सोनारायठाढी, मोहनपुर व देवीपुर आदि प्रखंडों से मरीज इलाज के लिये पहुंचते हैं, लेकिन वैसी महिला जिनको सिजेरियन ऑपरेशन की जरूरत होती है, उन्हें सीधे देवघर रेफर कर दिया जाता है. इसके कारण गरीबों को प्राइवेट जांच के लिये अनावश्यक रूप से शोषण का शिकार होना पड़ रहा है.
सीएचसी में प्रभारी के अलावा आठ चिकित्सक पदस्थापित किये गये थे. दो डॉक्टर छोड़ कर जा चुके हैं. सीएचसी के दो डॉक्टर की प्रतिनियुक्ति देवघर में कर दी गयी है. तीन डॉक्टर के सहारे सीएचसी चलता है. 26 एएनएम की नियुक्ति की गयी थी, जिनमें छह की प्रतिनियुक्ति देवघर में कर दी गयी है. इस सीएचसी क्षेत्र में 29 उप स्वास्थ्य केंद्र खोले गये हैं. केंद्र के नियमित रूप से नहीं खुलने के कारण सीएचसी में मरीजों का लोड बढ़ता जा रहा है.
मुखिया रजिया खातून, प्रेमलता देवी, सुजाता देवी, बेबी देव्या, कौशल्या देवी, पूर्व मुखिया सरस्वती देवी, परशुराम वर्मा, मो रजाउद्दीन अंसारी आदि ने विभाग से बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है.
कहते हैं सीएचसी प्रभारी
सीएचसी प्रभारी डॉ सुनील कुमार सिंह ने कहा कि एनेस्थीसिया चिकित्सक के नहीं रहने के कारण एक भी सिजेरियन ऑपरेशन नहीं हो पा रहा है. चिकित्सकों व कर्मियों की कमी है. इसकी वजह से परेशानी होती है. परेशानी दूर करने का प्रयास किया जा रहा है.
कहते हैं विधायक
विधायक बादल पत्रलेख ने कहा कि बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिये सीएचसी में मैन पावर की कमी को दूर कराया जायेगा. इस मामले को विधानसभा में उठाया जायेगा.
