देवघर : शहर में अभी भी कई ऐसे क्षेत्र हैं जहां से बालू का अवैध कारोबार किया जा रहा है. जिला खनन विभाग शहरी क्षेत्र में गहन जांच करे, तो कई जगहों में डंप कर रखा गया बालू मिल जायेगा. विभाग ने कुसुमडीह बालू डंप मामले में छोटी मछलियों के खिलाफ कार्रवाई की है, जबकि बालू के बड़े कारोबारी तक खनन विभाग के हाथ नहीं पहुंच पा रहे हैं. सूत्रों की मानें, तो कुंडा थाना क्षेत्र में एक दर्जन से अधिक लोग अवैध बालू काराेबार से जुड़े हुए हैं.
वे बालू का अवैध कारोबार कर सरकार काे लाखों के राजस्व की क्षति पहुंचा रहे हैं. शनिवार की कार्रवाई के बाद से लोगों में चर्चा का बाजार गर्म है.
शहर में कई जगह होता है बालू डंप : अभी भी शहर के एक दर्जन से अधिक जगहों से बालू का अवैध कारोबार किया जा रहा है. इसमें कुसुमडीह, कुंडा, करनकोल, चांदडीह, रामपुर-पुनसिया, नवाडीह, जटाही, गौरीगंज, कोठिया शामिल है.
पुलिस को अलग करने से बढ़ा माफियाओं का मनोबल : बालू के उठाव व परिवहन मामले से पुलिस के सीधे हस्तक्षेप को हटा लेने से अवैध कारोबारी को बढ़ावा मिला है. पुलिस भी अधिक सक्रिय नहीं रहती है.
पुलिस सामने से जा रहे ट्रक को हल्के में लेती है. शनिवार को खबर छपने के बाद विभाग एकाएक सक्रियता दिखायी. मधुबन निवासी चंद्रशेखर दूबे व दोनीहारी निवासी श्याम बाबू दूबे पर प्राथमिकी दर्ज कर विभाग चुप हो गयी है. सहायक खनन पदाधिकारी राजेश कुमार ने दोनों के खिलाफ अवैध ढंग से बिना लाइसेंस के बालू उठाव, डंप व परिवहन करने की शिकायत की है.
देवघर के लोग भुगत रहे हैं खामियाजा : देवघर से बालू की तस्करी बिहार में की जा रही है तथा वहां बालू ऊंचे दामों पर बेचा जा रहा है. इससे स्थानीय लोगों को परेशानी हो रही है. एक ओर जलस्तर नीचे जा रहा है, वहीं बालू लेने के लिए प्रति ट्रैक्टर अधिक कीमत चुकाने पड़ रहे हैं.
