Deoghar News : अपहरण के दोषी युवक को 10 वर्ष की सश्रम सजा

शादी की नीयत से नाबालिग लड़की का अपहरण करने मामले की सुनवाई पॉक्सो एक्ट स्पेशल कोर्ट में की गयी, पश्चात एडीजे तीन सह स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट राजेंद्र कुमार सिन्हा ने नामजद आरोपित रोहित महथा को दोषी पाकर 10 वर्ष की सश्रम सजा सुनायी.

विधि संवाददाता, देवघर : शादी की नीयत से नाबालिग लड़की का अपहरण करने मामले की सुनवाई पॉक्सो एक्ट स्पेशल कोर्ट में की गयी, पश्चात एडीजे तीन सह स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट राजेंद्र कुमार सिन्हा ने नामजद आरोपित रोहित महथा को दोषी पाकर 10 वर्ष की सश्रम सजा सुनायी. साथ ही 10 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया. जुर्माना की राशि पीड़िता को देय होगी, जिसे अदा नहीं करने पर अलग से एक साल की सश्रम सजा काटनी होगी. सजा पाने वाला अभियुक्त नगर थाना के सलौनाटांड़ मुहल्ले का रहने वाला है और इसके विरुद्ध एक महिला के बयान पर नगर थाना में 25 अक्तूबर 2014 को मुकदमा दर्ज हुआ था. इसमें सूचक ने अपनी नाबालिग पुत्री को शादी की नीयत से अपहरण कर ले जाने का आरोप लगाया गया था. मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष से 11 लोगों ने घटना के समर्थन में गवाही दी ओर सजा दिलाने में सफल रहे. पीड़िता को 10 साल संघर्ष के पश्चात न्याय मिला. मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष से विशेष लोक अभियोजक अजय कुमार साह तथा बचाव पक्ष से एलएडीसी के अधिवक्ता ने पक्ष रखा. दोनों पक्षों की बहस सुनने के पश्चात अभियुक्त को उपरोक्त सजा सुनायी गयी. अभियुक्त इस मामले में पहले से फरार घोषित कर दिया गया था और उसकी अनुपस्थिति में सजा सुनायी गयी. हाइलाइट्स -एडीजे तीन सह स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट राजेंद्र कुमार सिन्हा की अदालत से आया फैसला -नाबालिग लड़की को शादी की नीयत से किया था अपहरण

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Published by: Falguni marik

विगत 32 वर्षों से प्रभात खबर में पत्रकारिता करते आ रहा हूं. विशेष तौर पर कोर्ट से संबंधित खबरों के अलावा श्रावणी विशेषांक -बिल्व पत्र में धार्मिक आलेख लेखन, दुर्गापूजा के अवसर पर निकाली गयी दुर्वाक्षत में धार्मिक लेख लिखने, सामयिक कॉलम कोर्ट कचहरी का चक्कर, क्राइम स्टोरी आदि लेखन का अनुभव है. साथ ही लोक भाषा खोरठा में कविता, कहानी लेखन का अनुभव है. झारखंड अधिविध परिषद रांची के वर्ग अष्टम के पाठ्यक्रम में तथा आचार्य विनोवा भावे विश्वविद्यालय में बीए की कक्षा के पाठ्यक्रम में कविता शामिल हो चुकी है. विभिन्न पत्र पत्रिकाओं में कविताएं, कहानियां व आलेखों का भी प्रकाशन हो चुका है.

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