अदालतों को बम से उड़ाने की धमकी देने वाला गिरफ्तार, दिल्ली पुलिस ने कर्नाटक में दबोचा

Bomb Threat email Case: देशभर की अदालतों और संस्थानों को बम से उड़ाने की धमकी देने वाला आरोपी श्रीनिवास लुइस मैसूर से गिरफ्तार हुआ. दिल्ली पुलिस ने साइबर जांच के जरिए लोकेशन ट्रैक की. आरोपी ने 1100 से ज्यादा धमकी भरे ईमेल भेजे थे. मामले में मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है. इससे संबंधित पूरी खबर नीचे पढ़ें.

Bomb Threat email Case: बिहार-झारखंड समेत देश की अदालतों और संस्थानों को बम से उड़ाने की धमकी देने वाला सनकी आदमी आखिरकार पुलिस की गिरफ्त में आ ही गया है. इस आदमी को गिरफ्तार करने में दिल्ली पुलिस ने कामयाबी हासिल की है. उसने कर्नाटक के मैसूर से ई-मेल के जरिए धमकी देने वाले सनकी आदमी को धर दबोचा है. मैसूर में वह किराए के मकान में रहता है और उसकी पहचान 47 वर्षीय श्रीनिवास लुइस के तौर पर हुई है.

1,100 से अधिक भेजे धमकी भरे ईमेल

श्रीनिवास लुइस पर आरोप है कि उस पर आरोप है कि उसने पूरे देश में कई संस्थानों, हाई कोर्ट और सरकारी दफ्तरों को निशाना बनाते हुए 1,100 से अधिक झूठे धमकी भरे मैसेज भेजे थे. दिल्ली पुलिस ने बताया कि भेजी गई धमकियां ईमेल के जरिए भेजी गई थीं. कई राज्यों में मामले दर्ज किए गए हैं. शुरुआती जांच से पता चलता है कि उस व्यक्ति की मानसिक स्थिति स्थिर नहीं है. उसे दिल्ली लाया जाएगा, जिसके बाद गहन जांच की जाएगी.”

दिल्ली पुलिस ने ऐसे ट्रैक किया लोकेशन

मिली जानकारी के अनुसार, लगातार मिल रही बम से उड़ाने की धमकियों के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने तकनीकी जांच शुरू की. बताया जा रहा है कि सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर पुलिस ने डिजिटल ट्रैकिंग, ईमेल ट्रेसिंग और साइबर इन्वेस्टिगेशन के माध्यम से आरोपी का पता लगाया गया. इस इन्वेस्टिगेशन के दौरान उसका लोकेशन कर्नाटक के मैसूर का मिला. लोकेशन को ट्रैक करती हुई दिल्ली पुलिस जब मैसूर पहुंची, तो श्रीनिवास लुइस को गिरफ्तार किया गया.

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किराए के मकान में रहता है धमकी देने वाला

दिल्ली पुलिस ने बताया कि संस्थानों, हाईकोर्ट और सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी देने वाला श्रीनिवास लुइस कर्नाटक के मैसूर में किराए के मकान में रहता है. उसने बताया कि वह मानसिक रूप से विक्षिप्त है. हालांकि, उसकी इस स्थिति की गहन जांच की जाएगी. किराए के मकान की तलाश के दौरान पुलिस को उसके पास से एक लैपटॉप मिला है. पुलिस को आशंका है कि वह इसी के जरिए ईमेल करके धमकी देता था.

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लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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