Jharkhand High Court, रांची (राणा प्रताप की रिपोर्ट): राजधानी रांची सहित राज्य के अन्य जिलों में पेट्रोल-डीजल की किल्लत और पंपों पर उमड़ रही भारी भीड़ का मामला अब झारखंड हाईकोर्ट की दहलीज पर पहुंच गया है. शुक्रवार को जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद और जस्टिस संजय प्रसाद की खंडपीठ में सुनवाई के दौरान वरीय अधिवक्ताओं ने इस गंभीर स्थिति की ओर अदालत का ध्यान आकर्षित किया.
ईंधन संकट के बीच ‘वर्क फ्रॉम होम’ और ऑनलाइन कोर्ट का सुझाव
वरिष्ठ अधिवक्ता एमएस मित्तल और अधिवक्ता शैलेश कुमार ने खंडपीठ को बताया कि पिछले कुछ दिनों से राजधानी के कई पेट्रोल पंप बंद हैं और जहाँ ईंधन मिल रहा है, वहां वाहनों की लंबी कतारें लगी हुई हैं. अधिवक्ताओं ने अदालत के समक्ष ऊर्जा व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ईंधन और ऊर्जा बचत की अपील का हवाला देते हुए ‘वर्क फ्रॉम होम’ को बढ़ावा देने की बात कही गई. वर्तमान संकट को देखते हुए वकीलों ने आग्रह किया कि यदि हाईकोर्ट की सुनवाई ऑनलाइन (वर्चुअल) तरीके से की जाए, तो यह आवागमन और ईंधन की बचत में सहायक होगा.
Also Read: झारखंड हाईकोर्ट की बोकारो SP को फटकार, कहा- लापता केस में पुलिस के हाथ खाली क्यों? दी बड़ी चेतावनी
चीफ जस्टिस के संज्ञान में लाया जाएगा मामला
वकीलों की दलीलें सुनने के बाद खंडपीठ ने स्वीकार किया कि वे राजधानी और राज्य में उत्पन्न इस परिस्थिति से भली-भांति अवगत हैं. जस्टिस प्रसाद ने कहा कि वह इस मामले और स्थिति की गंभीरता को चीफ जस्टिस के संज्ञान में लाने का प्रयास करेंगे. ऑनलाइन कोर्ट के संचालन के संदर्भ में उन्होंने अधिवक्ताओं को स्वयं भी चीफ जस्टिस के समक्ष अपनी बात रखने की सलाह दी.
पंपों पर हाहाकार की स्थिति
उल्लेखनीय है कि पिछले कई दिनों से रांची के पेट्रोल पंपों पर वाहनों की मीलों लंबी कतारें देखी जा रही हैं. लोगों को अपनी दैनिक जरूरतों के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है, जिससे आम जनजीवन और कानून-व्यवस्था पर भी असर पड़ रहा है.
Also Read: जामताड़ा: एपीके फाइल भेजकर साइबर ठगी करने वाले तीन अपराधी गिरफ्तार
