दीपिका पांडेय सिंह से मिले मिथिलेश ठाकुर, पलामू प्रमंडल की विकास योजनाओं पर हुई चर्चा

Garhwa News: पूर्व मंत्री मिथिलेश ठाकुर ने ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह से मुलाकात कर गढ़वा और पलामू की विकास योजनाओं पर चर्चा की. बैठक में ग्रामीण सड़क, पुल-पुलिया और आधारभूत ढांचे के विकास को प्राथमिकता देने की मांग उठाई गई. मंत्री ने योजनाओं पर सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.

गढ़वा से अविनाश सिंह की रिपोर्ट

Garhwa News: झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री मिथिलेश ठाकुर ने राज्य की ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह से शिष्टाचार मुलाकात की. इस दौरान गढ़वा और पलामू प्रमंडल में लंबित ग्रामीण विकास योजनाओं, नई परियोजनाओं की स्वीकृति और उनके त्वरित क्रियान्वयन को लेकर विस्तार से चर्चा हुई. मुलाकात को राजनीतिक और विकासात्मक दोनों दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

ग्रामीण क्षेत्रों के विकास पर विशेष चर्चा

मुलाकात के दौरान पूर्व मंत्री मिथिलेश ठाकुर ने गढ़वा और पलामू जैसे सुदूरवर्ती जिलों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया. उन्होंने कहा कि ग्रामीण इलाकों में बुनियादी सुविधाओं की स्थिति मजबूत करने की जरूरत है. खासकर ग्रामीण सड़क, पुल-पुलिया और अन्य आधारभूत संरचनाओं के निर्माण पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है. उन्होंने मंत्री से अनुरोध किया कि ग्रामीण विकास विभाग से जुड़ी योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृति दी जाए, ताकि क्षेत्र के लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें. मिथिलेश ठाकुर ने कहा कि कई योजनाएं लंबे समय से लंबित हैं, जिनके पूरा होने से गांवों की तस्वीर बदल सकती है.

ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत करने पर जोर

मिथिलेश ठाकुर ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में विकास योजनाओं का समय पर क्रियान्वयन बेहद जरूरी है. उनका कहना था कि सड़क, पुल और अन्य बुनियादी ढांचे मजबूत होने से गांवों की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी. उन्होंने यह भी कहा कि पलामू प्रमंडल के कई गांव आज भी बुनियादी सुविधाओं से पूरी तरह नहीं जुड़ पाए हैं. ऐसे में विकास योजनाओं को तेजी से जमीन पर उतारना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए. उन्होंने ग्रामीण रोजगार, आवागमन और स्थानीय व्यापार को बढ़ावा देने के लिए आधारभूत संरचना को मजबूत करने की जरूरत बताई.

मंत्री ने दिया सकारात्मक आश्वासन

मुलाकात के दौरान ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने भी जनहित से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता से विचार करने का भरोसा दिया. उन्होंने कहा कि सरकार ग्रामीण विकास को लेकर प्रतिबद्ध है और जरूरत के अनुसार योजनाओं को आगे बढ़ाया जाएगा. सूत्रों के अनुसार दोनों नेताओं के बीच विभागीय योजनाओं के अलावा क्षेत्रीय विकास और राज्य की राजनीतिक स्थिति को लेकर भी सकारात्मक बातचीत हुई. मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य ग्रामीण इलाकों में विकास कार्यों को गति देना है.

मुलाकात को बताया आत्मीय भेंट

मुलाकात के बाद मिथिलेश ठाकुर ने इसे एक आत्मीय और सकारात्मक भेंट बताया. उन्होंने कहा कि चर्चा के दौरान केवल विभागीय योजनाओं पर ही नहीं, बल्कि क्षेत्र के कई महत्वपूर्ण विषयों पर भी विस्तार से विचार-विमर्श हुआ. उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले दिनों में गढ़वा और पलामू जिले को ग्रामीण विकास योजनाओं का लाभ तेजी से मिलेगा. साथ ही क्षेत्र के अधूरे कार्यों को भी प्राथमिकता के साथ पूरा किया जाएगा.

राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज

इस मुलाकात को लेकर राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा शुरू हो गई है. राज्य में झामुमो और कांग्रेस गठबंधन की राजनीति के बीच इस मुलाकात को अहम माना जा रहा है. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि विकास योजनाओं को लेकर नेताओं के बीच लगातार संवाद होना सरकार और जनता दोनों के लिए सकारात्मक संकेत है. वहीं समर्थकों का कहना है कि अगर लंबित योजनाओं को मंजूरी मिलती है तो पलामू प्रमंडल के ग्रामीण क्षेत्रों को इसका सीधा लाभ मिलेगा.

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विकास कार्यों में तेजी की उम्मीद

गढ़वा और पलामू जिले के लोगों को अब उम्मीद है कि ग्रामीण विकास विभाग की योजनाओं को लेकर जल्द ठोस पहल देखने को मिलेगी. खासकर सड़क, पुल-पुलिया और अन्य आधारभूत सुविधाओं से जुड़ी परियोजनाओं में तेजी आने की संभावना जताई जा रही है. स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि योजनाएं समय पर पूरी होती हैं तो इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और यातायात व्यवस्था में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा.

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Published by: KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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