सिमरिया. लोसोदाग, टुटकी और माथिया गांव में जलमीनार व चापाकल खराब होने से ग्रामीणों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है. लगभग पांच जलमीनार और बीस चापाकल लंबे समय से बंद पड़े हैं. दो साल पहले पीएचइडी विभाग द्वारा जलमीनार लगाये गये थे, लेकिन कुछ ही दिनों तक लाभ देने के बाद वे खराब हो गये. चापाकल भी दो माह से काम नहीं कर रहे हैं. मजबूरन ग्रामीणों को 200–300 मीटर दूर खेतों के कुओं से पानी लाना पड़ रहा है. ग्रामीणों ने कई बार विभाग से मरम्मत की मांग की है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई. इस लापरवाही से लोगों में विभाग के प्रति रोष है. संजय यादव, उमेश यादव, रघुनंदन ठाकुर, सीताराम ठाकुर, लालदेव गंझु, सुरेश गंझु, अशोक गंझु, जीवन एक्का और विजय लिंडा सहित ग्रामीणों ने पीएचईडी विभाग से अविलंब जलमीनार व चापाकलों को दुरुस्त कर पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है.
जलमीनार व चापानल खराब, पेयजल संकट उत्पन्न
जलमीनार व चापानल खराब, पेयजल संकट उत्पन्न
