टंडवा. आम्रपाली-चंद्रगुप्त कोल परियोजना से प्रभावित उड़सू गांव के ग्रामीण आउटसोर्सिंग कंपनी शुशी के खिलाफ बैठक की. जिसकी अध्यक्षता राजकुमार नारायण चौधरी ने की. संचालन रितेश सिंह ने किया. बैठक में ग्रामीणों ने शुशी कंपनी की कार्यशैली, मुआवजा नीति व रोजगार के मुद्दे पर गंभीर सवाल उठाये. ग्रामीणों का आरोप है कि शुशी इंफ्रा कंपनी व परियोजना प्रबंधन लंबे समय से रैयतों को गुमराह कर रहे हैं. रैयती व गैरमजरुआ भूमि का सत्यापन कर नौकरी व उचित मुआवजा देने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई. ग्रामीणों ने बताया कि उड़सू गांव की लगभग 60 प्रतिशत भूमि आम्रपाली कोल परियोजना व 40 प्रतिशत भूमि चंद्रगुप्त कोल परियोजना में चली गयी है. ग्रामीणों का कहना है कि चंद्रगुप्त परियोजना की कोयला ढुलाई उड़सू होकर की गयी, तो टंडवा-सिमरिया मुख्य मार्ग पर दुर्घटनाओं और प्रदूषण का खतरा बढ़ जायेगा. विरोध स्वरूप ग्रामीण कंपनी द्वारा बनायी गयी ट्रांसपोर्टिंग सड़क को काटकर कोयला ढुलाई शुरू नही होने दे रहे हैं. ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, आंदोलन जारी रहेगा. बैठक में सूरज उरांव, कुंदन पासवान, अनिल चौधरी, जयराम उरांव, रामलाल उरांव, सुनिल भुइयां, अमर यादव, बिनोद भुइयां, राजेंद्र उरांव, अभास सिंह, राजेश उरांव, जगदीश पासवान, वीरेंद्र उरांव, पवन उरांव, मंगू उरांव, विजय मिंज, विक्की यादव समेत अन्य उपस्थित थे.
उड़सू के ग्रामीणों ने कंपनी पर लगाया मनमानी का आरोप
उड़सू गांव के ग्रामीण आउटसोर्सिंग कंपनी शुशी के खिलाफ बैठक की
