आदिवासी समाज ने की है प्रकृति की रक्षा

सदर प्रखंड के पकरिया सरना टोंगरी में शनिवार को विश्व आदिवासी दिवस मनाया गया. वहीं दिशोम गुरु शिबू सोरेन को श्रद्धांजलि दी गयी

चतरा. सदर प्रखंड के पकरिया सरना टोंगरी में शनिवार को विश्व आदिवासी दिवस मनाया गया. वहीं दिशोम गुरु शिबू सोरेन को श्रद्धांजलि दी गयी. मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व मंत्री सह राजद प्रदेश प्रधान महासचिव सत्यानंद भोगता समेत अपर समाहर्ता अरविंद कुमार, एसडीओ जहूर आलम, ग्रामीण विकास विभाग के कार्यपालक अभियंता देवसहाय भगत, सीओ अनिल कुमार उपस्थित थे. अध्यक्षता सरना टोंगरी समिति के उपाध्यक्ष अन��ल मिंज ने की. कार्यक्रम की शुरुआत भगवान बिरसा मुंडा व पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन के चित्र पर माल्यार्पण कर की गयी. यहां दो मिनट का मौन रख शिबू सोरेन की आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की. शिबू सोरेन की जीवनी पर प्रकाश डाला. साथ ही उनके बताये मार्ग पर चलने का संकल्प लिया. इस दौरान आदिवासी समाज की परंपराओं, संस्कृति व अधिकारों पर चर्चा हुई. पूर्व मंत्री श्री भोगता ने कहा कि आदिवासी समुदाय के योगदान व उनकी पहचान को संरक्षित रखने की जरूरत है. आदिवासी समाज ने हमेशा से प्रकृति को पूज्य माना. जल, जंगल व जमीन की रक्षा कर दुनिया को पर्यावरण संतुलन का सबसे सशक्त उदाहरण दिया है. कार्यक्रम का संचालन सुशील लकड़ा, सुरेश उरांव ने किया. मौके पर समिति के सचिव राजेश बिन्हा, निर्मला केरकेट्टा, लक्ष्मण उरांव, लुकस बांडो, अविनाश टोपनो, जेम्स मिंज, जोसेफ टोप्पो, शोभा कुजूर, गोविंद कच्छप, गे गोरी लिंडा समेत काफी संख्या में लोग उपस्थित थे.

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Published by: Anuj singh

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