मनाही के बाद भी वन भूमि पर पोस्ता की खेती, रास्ते जाम कर पुलिस को चुनौती

लावालौंग व कुंदा थाना क्षेत्र में सबसे अधिक खेती

लावालौंग व कुंदा थाना क्षेत्र में सबसे अधिक खेती प्रतिनिधि, चतरा जिले में प्रतिबंध के बावजूद इस वर्ष भी बड़े पैमाने पर पोस्ता की अवैध खेती की गयी है. सबसे अधिक खेती लावालौंग व कुंदा थाना क्षेत्र के सुदूरवर्ती इलाकों में वन भूमि पर होने की सूचना है. पोस्ता की खेती करने वालों ने कई स्थानों पर बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई कर उन्हें सड़कों पर गिरा दिया है, जिससे रास्ता पूरी तरह अवरुद्ध हो गया है. बताया जाता है कि ऐसा पुलिस और प्रशासन की टीम को खेती वाले क्षेत्रों तक पहुंचने से रोकने के उद्देश्य से किया गया है, ताकि पोस्ता की फसल सुरक्षित रहे और आवाजाही बाधित हो सके. सड़क जाम रहने के कारण पोस्ता विनष्टीकरण अभियान में पुलिस को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. सूत्रों के अनुसार, पोस्ता की खेती खुलेआम वन भूमि पर की जा रही है और इसके लिए बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई भी की गयी है. हालांकि इस ओर वन विभाग की सक्रियता पर सवाल उठ रहे हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ पदाधिकारी व कर्मी जानकर भी अनजान बने हुए हैं. इधर वन विभाग का कहना है कि पोस्ता की खेती करने तथा पेड़ काटकर सड़क अवरुद्ध करने वालों की पहचान कर कार्रवाई की जा रही है. अब तक एक दर्जन से अधिक लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेजा गया है. अन्य लोगों की पहचान की जा रही है. सड़कों पर गिराये गये पेड़ों को कटर मशीन से काटकर हटाया जा रहा है.

पेड़ हटाने में ही लग जा रहा समय

जानकारी के अनुसार, कड़ी सुरक्षा के बीच पुलिस व प्रशासन की टीम ट्रैक्टर लेकर पोस्ता नष्ट करने के लिए संबंधित क्षेत्रों में पहुंचती है. लेकिन अधिकांश समय सड़क पर गिराये गये पेड़ों को हटाने में ही लग जाता है. इससे पोस्ता विनष्टीकरण अभियान प्रभावित हो रहा है और इसका लाभ तस्कर उठा रहे हैं. इन दिनों पोस्ता के फल से तेजी से अफीम निकाले जाने की भी सूचना है.

प्रशासन ने कहा है कि अभियान लगातार जारी रहेगा और अवैध खेती व पेड़ों की कटाई करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

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By Akarsh Aniket

Akarsh Aniket is a contributor at Prabhat Khabar.

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