सिमरिया. सिमरिया व लावालौंग प्रखंड के 219 आंगनबाड़ी केंद्रों की सेविकाओं को सितंबर 2025 से पोषाहार की राशि नहीं मिली है. इस कारण वे कर्ज लेकर और दुकानों से उधार लेकर किसी तरह केंद्रों का संचालन कर छोटे बच्चों को पोषाहार उपलब्ध करा रही हैं. हर माह ढाई से तीन हजार रुपये की राशि से चावल, दाल, सूजी, चीनी और अंडा खरीदा जाता है. सेविका संघ की जिलाध्यक्ष प्रतिमा देवी ने बताया कि नौ माह से भुगतान की मांग की जा रही है, लेकिन विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की है. चतरा, टंडवा और इटखोरी प्रखंडों में पहले ही पोषाहार वितरण बंद हो चुका है, जबकि पांच जून से सिमरिया और लावालौंग में भी वितरण बंद कर दिया जायेगा. पोषाहार राशि न मिलने से सेविकाओं को भारी परेशानी हो रही है और बच्चों के पोषण पर असर पड़ रहा है, जिससे आंगनबाड़ी व्यवस्था प्रभावित हो रही है.
सेविकाओं को नहीं मिल रही पोषाहार की राशि, परेशानी
प्रतिमा देवी ने बताया कि नौ माह से भुगतान की मांग की जा रही है
