इटखोरी. प्रखंड में गर्मी के प्रचंड रूप का असर जनजीवन पर पड़ रहा है. सूरज तप रहा है, धरती जल रही है और हवा आग उगल रही है. लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है. सुबह आठ बजते ही लू का असर शुरू हो जाता है. सड़कें वीरान व बाजारों में सन्नाटा पसर जाता है. गर्मी का सीधा असर रोजमर्रा के जीवन पर पड़ रहा है. घर से निकलते ही गर्म हवा से शरीर झुलसने लगता है. लोग चाह कर भी घर से निकल नहीं पाते हैं. सब्जी बाजार हो या मोटर स्टैंड सभी जगह सन्नाटा छाया रहता है. सरकारी व गैर सरकारी कार्यालयों में भी चहल पहल कम हो गया है. तपतपाती गर्मी का असर विकास कार्यों पर भी पड़ रहा है. तेज धूप के कारण मजदूर काम करना नहीं चाहते हैं.
तप रहा है सूरज, जल रही है धरती, हवा उगल रही आग
तप रहा है सूरज, जल रही है धरती, हवा उगल रही आग
