: हारुल गांव में शादी से पहले ग्रामीणों ने दो दिनों में कच्ची सड़क तैयार की : खराब सड़क के कारण लड़के पक्ष ने गांव में बारात लाने से किया था इनकार कुंदा. बौधाडीह पंचायत के हारुल गांव के लोगों ने श्रमदान कर आधा किमी कच्ची सड़क बना दी. ग्रामीणों ने जेसीबी के सहयोग से दो दिनों में सड़क को चलने लायक बनाया. खराब सड़क के कारण गांव की एक बेटी की शादी में बाधा आ रही थी. लड़के पक्ष के लोग गांव में बारात लाने से इनकार कर रहे थे. इसके बाद ग्रामीणों ने शादी से पहले सड़क बनाने का निर्णय लिया और सड़क को चलने लायक बना दिया. हारुल गांव के दीनाथ गंझू व तिलवंती कुमारी की शादी होने वाली थी. गांव तक सड़क नहीं होने के कारण बारात आने में परेशानी हो रही थी. ग्रामीणों ने सामूहिक प्रयास से कच्ची सड़क तैयार कर दी, जिससे शादी का रास्ता साफ हो गया. ग्रामीणों ने बताया कि पांच वर्ष पूर्व पीएमजीएसवाई के तहत खुटेर गांव से सखुआ पहाड़ तक कालीकरण सड़क का निर्माण कराया गया था, लेकिन पक्की सड़क गांव से आधा किमी पहले ही समाप्त हो गयी. गांव तक पक्की सड़क नहीं पहुंचने से लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. ग्रामीण रघु गंझू ने कहा कि सड़क नहीं रहने से पगडंडी के सहारे बाइक गांव तक बड़ी मुश्किल से पहुंचती थी. सड़क खराब होने के कारण कई लोग शादी का रिश्ता करने से भी पीछे हट जाते थे. उन्होंने कहा कि बारात आने से पहले सड़क बनाने का निर्णय होने के बाद ही शादी तय हो सकी. नारायण गंझू ने कहा कि गांव तक पक्की सड़क बनाने की मांग करने पर संवेदक ने धमकी भरे शब्दों का इस्तेमाल किया था.
बारात आने से पहले श्रमदान से बना दी आधा किमी सड़क
हारुल गांव में शादी से पहले ग्रामीणों ने दो दिनों में कच्ची सड़क तैयार की
