: ग्रामीणों की मांगों की हो रही है अनदेखी सिमरिया. प्रखंड के सुदूरवर्ती इचाक पंचायत के नावाटांड़ गांव से तोरार गांव जाने वाली सड़क जर्जर व गड्ढों में तब्दील हो गयी है. जिसके कारण लोगों को आवागमन करने में परेशानी हो रही है. बरसात के दिनों में सड़क की स्थिति और खराब हो जाती है. दो-चार पहिया वाहन चालकों को परेशानी होती है. किसानों को उत्पादित साग-सब्जियों को बाजार ले जाने में कठिनाई होती है. सड़क की लंबाई तीन किमी है. हर रोज दोनों गांव के एक हजार लोगों का आना जाना होता है. नावाटांड़ के ग्रामीण 20 वर्षों से इस सड़क को बनाने की मांग करते आ रहे है, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है. मुखिया कविता देवी ने कहा कि सड़क को लेकर कई बार सांसद व विधायक से मांग कर चुके हैं. डीएमएफटी मद से सड़क बनाने के लिए आवेदन कर चुके हैं. लेकिन अब तक इस ओर पहल नहीं की गयी है. ग्रामीण कुलदीप महतो, विष्णुदेव प्रसाद, शंकर प्रसाद, संजय राम, गोपाल राम ने सड़क बनाने की मांग की.
नावाटांड़ से तोरार गांव जाने वाली सड़क गड्ढों में तब्दील
ग्रामीणों की मांगों की हो रही है अनदेखी
