प्रतापपुर से बिहारी कुमार की रिपोर्ट
प्रतापपुर(चतरा). शिक्षा विभाग ने प्रखंड के सभी विद्यालयों में अगस्त माह में विद्यालय प्रबंधन समिति (एमसीसी) का गठन कराया. चुनाव को एक महीना हो गया है. नए चुने गए अध्यक्ष और समिति को अभी तक विद्यालय का प्रभार नहीं मिला है. वहीं, समिति के अध्यक्ष और सचिव के नाम से नया बैंक खाता भी शुरू नहीं हो सका है.
पुराने अध्यक्षों की देखरेख में विद्यालयों का संचालन
ऐसे में अभी भी पुराने अध्यक्ष की देखरेख में विद्यालय का संचालन किया जा रहा है. इससे मध्याह्न भोजन योजना के संचालन में परेशानी हो रही है. पुराने अध्यक्षों के अनुसार, एमडीएम की सामग्री खरीदने में भी दिक्कत आ रही है.
कई विद्यालयों को कई माह से नहीं मिली एमडीएम की राशि
कई विद्यालयों को पिछले कई माह से मध्याह्न भोजन की राशि नहीं मिली है. इसके कारण दुकानदारों ने उधार में सामान देना बंद कर दिया है. ऐसे में विद्यालय प्रबंधन के सामने एमडीएम संचालन को लेकर परेशानी बनी हुई है.
नए चुने गए अध्यक्षों का कहना है कि "कई महीनों से राशि नहीं मिलने से हम बहुत परेशान हैं. दुकानदारों ने तो उधार देना बंद कर दिया है, बच्चों के लिए नाश्ता और खाना जुटाना मुश्किल हो रहा है.
नए चुने गए अध्यक्षों ने विभाग पर लगाया आरोप
इधर, नए चुने गए अध्यक्षों का कहना है कि चुनाव हुए एक माह बीत गया, लेकिन अब तक विभाग की ओर से प्रभार नहीं दिया गया है और न ही बैंक खाता बदला गया है. उनका आरोप है कि विभाग ने केवल चुनाव कराकर अपनी जिम्मेदारी पूरी कर ली है.
प्रभार और खाता संचालन की प्रक्रिया पूरी नहीं होने से नई समिति काम नहीं कर पा रही है.
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नए सिस्टम को लागू करने में देरी से राशि में विलंब
जहां पुराने अध्यक्षों को राशि न मिलने से परेशानी हो रही है, वहीं विभाग का कहना है कि नए सिस्टम को लागू करने में देरी इसका मुख्य कारण है. जानकारी के अनुसार, अप्रैल से अगस्त तक एमडीएम की राशि विद्यालयों को नहीं मिलने का मुख्य कारण नए सिस्टम को लागू करने में हुई देरी है. नई व्यवस्था के तहत अब एमडीएम और ग्रांट की राशि ट्रेजरी से निकाली जायेगी.
एक सप्ताह में एमसीसी गठन की अनुमति की प्रक्रिया
विभाग का कहना है कि विद्यालयों में एमसीसी का गठन हो चुका है, जबकि माता समिति के गठन की प्रक्रिया चल रही है. विवादित चुनाव वाले विद्यालयों को छोड़कर अन्य विद्यालयों में एमसीसी गठन की अनुमति एक सप्ताह के अंदर देने की प्रक्रिया है.
दिसंबर तक पुराने माता समिति के खाते में डाली गयी राशि
एमडीएम का संचालन प्रभावित न हो, इसके लिए पुराने माता समिति के खाते में अंडा और फल की राशि दिसंबर तक डाल दी गयी है.
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