इटखोरी में PM Shri स्कूलों के नए भवन निर्माण में घटिया सामग्री के इस्तेमाल का आरोप, ग्रामीणों ने की DC से जांच की मांग

इटखोरी के स्कूलों में भवन निर्माण के दौरान नियमों की अनदेखी की जा रही है. घटिया बंगला ईंट के इस्तेमाल पर ग्रामीणों ने डीसी से जांच की मांग की है.

ईंटखोरी से विजय शर्मा की रिपोर्ट

इटखोरी (चतरा). चतरा जिले के इटखोरी प्रखंड के कई सरकारी स्कूलों में बनाए जा रहे नए भवनों के निर्माण में निर्धारित मापदंडों और प्राक्कलन की अनदेखी की शिकायतें सामने आ रही हैं. इटखोरी बाजार स्थित पीएमश्री मध्य विद्यालय तथा टोनाटांड़ प्लस टू पीएमश्री उच्च विद्यालय के निर्माण कार्य में निम्न स्तर की 'बंगला ईंट' (कम गुणवत्ता वाली ईंट) का धड़ल्ले से इस्तेमाल किए जाने का आरोप लगाया गया है.

स्थानीय लोगों ने गुणवत्ता पर उठाए सवाल

स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि विभागीय मानकों को ताक पर रखकर घटिया सामग्री से इमारतें तैयार की जा रही हैं, जिससे भविष्य में स्कूली बच्चों की सुरक्षा पर खतरा मंडरा सकता है. ग्रामीणों ने चतरा उपायुक्त (डीसी) से इस पूरे निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराने और गुणवत्ता सुनिश्चित करने की मांग की है.

क्वालिटी पर उठे सवालों से बढ़ी चिंता

पीएमश्री योजना के तहत बन रहे इन आधुनिक स्कूलों के निर्माण में उठ रहे ये सवाल काफी गंभीर हैं. अगर प्राक्कलन के विपरीत जाकर घटिया ईंट और सामग्री का प्रयोग हो रहा है, तो यह सीधे तौर पर प्रशासनिक लापरवाही और निर्माण की गुणवत्ता पर बड़ा सवाल खड़ा करता है. जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि नियमों की कितनी अनदेखी की गई है.

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By Prabhat khabar news desk

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