चतरा : चतरा मंडलकारा में आर्म्स एक्ट और सीएलए एक्ट के मामले में बंद एक बंदी ने शनिवार की रात फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. मृतक बंदी मंटू सिंह उर्फ दिलेश गंझु (22) पलामू जिले के मनातू थाना क्षेत्र के केदल गांव निवासी शंकर गंझु उर्फ शंकर सिंह के पुत्र था. वह 15 अप्रैल 2024 से मंडलकारा में बंद था. जानकारी के अनुसार मंटू ने शनिवार की रात करीब 12:15 बजे जेल के अंदर फांसी लगा ली. घटना की जानकारी मिलते ही जेल प्रशासन ने उसे तत्काल सदर अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया. इसके बाद जेल प्रशासन ने घटना की सूचना मृतक के परिजनों और सदर थाना पुलिस को दी. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया. पोस्टमार्टम मेडिकल बोर्ड की टीम ने किया. टीम में हंटरगंज सीओ सह दंडाधिकारी रितिक कुमार, डॉ. अजहर, डॉ. विनय मेहता और डॉ. शैलेंद्र कुमार चौधरी शामिल थे.
किन परिस्थितियों में उठाया कदम, जांच जारी
बंदी ने किन परिस्थितियों में यह कदम उठाया, इसकी जांच की जा रही है. पुलिस जेल के अंदर की परिस्थितियों और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है.
परिजनों ने जेल प्रशासन पर लगाया हत्या का आरोप
घटना के बाद मृतक के परिजनों ने जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाया है. परिजनों ने सदर थाना में आवेदन देकर जेल प्रशासन पर प्रताड़ित करने और हत्या करने का आरोप लगाया है. परिजनों का आरोप है कि जेल प्रशासन द्वारा मंटू के साथ लगातार मारपीट की जाती थी. इस संबंध में सदर थाना प्रभारी अनिल उरांव ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है. मेडिकल बोर्ड की टीम द्वारा शव का पोस्टमार्टम कराया गया है. वहीं, जेल अधीक्षक से पक्ष जानने के लिए संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका फोन नहीं उठा.
झारखंड के चतरा जिला मंडल कारा में बंद मंटू सिंह उर्फ दिलेश गंझू ने शनिवार रात करीब 12:15 बजे फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. वह पलामू जिले के मनातू थाना क्षेत्र के केदल गांव निवासी शंकर गंझू उर्फ शंकर सिंह का पुत्र था. वह 15 अप्रैल 2024 से आर्म्स एक्ट और सीएलए एक्ट के मामले में जेल में बंद था.
अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने मृत घोषित किया
घटना की जानकारी मिलते ही जेल प्रशासन उसे सदर अस्पताल ले गया, जहां चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया. मेडिकल बोर्ड में हंटरगंज सीओ सह मजिस्ट्रेट रितिक कुमार, डॉ अजहर, डॉ विनय मेहता और डॉ शैलेंद्र कुमार चौधरी शामिल थे.
परिजनों ने जेल प्रशासन पर प्रताड़ित कर हत्या करने का आरोप लगाया है
इधर, मृतक के परिजनों ने सदर थाना में आवेदन देकर जेल प्रशासन पर प्रताड़ित कर हत्या करने का आरोप लगाया है. बताया गया कि जेल प्रशासन द्वारा हमेशा मारपीट की जा रही थी. थाना प्रभारी अनिल उरांव ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है.
