चतरा : केंद्र सरकार द्वारा लाये गये एमएमडीआर संशोधन विधेयक को झारखंड के हितों के खिलाफ बताते हुए झारखंड प्रदेश महिला कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष रमा खलखो ने इसके विरोध में आंदोलन की घोषणा की है. रविवार को पार्टी कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि यह कानून राज्य के खनिज संसाधनों और अधिकारों को कमजोर करने वाला है.
झारखंड की जल-जंगल-जमीन पर पहला अधिकार झारखंडियों का
झारखंड की जल, जंगल और जमीन पर पहला अधिकार यहां की जनता का होना चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि एमएमडीआर संशोधन के जरिये केंद्र सरकार राज्यों के अधिकारों में हस्तक्षेप कर रही है, जिससे झारखंड को करीब 14 हजार करोड़ रुपये के राजस्व नुकसान की आशंका है. उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद खनिज क्षेत्रों से मिलने वाले राजस्व पर राज्य का अधिकार सुनिश्चित हुआ था, लेकिन केंद्र की नयी नीतियों से यह व्यवस्था प्रभावित हो सकती है. रमा खलखो ने कहा कि खनन प्रभावित क्षेत्रों में सड़क, पानी, स्वास्थ्य, शिक्षा और पुनर्वास जैसी बुनियादी सुविधाओं के विकास के लिए पर्याप्त संसाधन जरूरी हैं.
ये भी पढ़ें: खनिज पर झारखंड का पहला हक, चंदे में पारदर्शिता जरूरी; कांग्रेस ने केंद्र पर साधा निशाना
झारखंड की जनता अपने अधिकारों के प्रति जागरूक है
झारखंड की जनता अपने अधिकारों के प्रति जागरूक है और राज्य के हितों से कोई समझौता नहीं किया जायेगा. उन्होंने बताया कि एमएमडीआर संशोधन के विरोध में 27 अगस्त को सभी जिला मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा जायेगा. सात सितंबर को रांची स्थित लोक भवन के समक्ष राज्य स्तरीय महाधरना होगा. वहीं नौ से 16 सितंबर तक राज्य के सभी प्रखंड मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने का कार्यक्रम होगा. उन्होंने कहा कि कानून वापस होने तक कांग्रेस का आंदोलन जारी रहेगा.
मौके पर कांग्रेस कई कार्यकर्ता मौजूद रहे
मौके पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष चंद्रदेव गोप, ओमप्रकाश पाठक, निशांत कुमार जायसवाल, प्रमोद कुमार त्रिवेदी, गोविंद सिंह, मो इकबाल, संजय जायसवाल, दीपक सिंह, मुन्ना यादव और अजीमुद्दीन ख्वाजा समेत कई कार्यकर्ता मौजूद थे.
ये भी पढ़ें: चतरा में स्कूलों की व्यवस्थाओं पर मंथन, योजनाओं को शत-प्रतिशत पूरा करने का निर्देश
