सिमरिया. गोवाखुर्द गांव में चल रहे शतचंडी महायज्ञ में मंगलवार की रात प्रवचन सुनने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी. वृंदावन से आयी साध्वी रश्मि मिश्रा ने रामचरितमानस पर कथा वाचन किया. उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम ने जीवनभर धर्म व सत्य का पालन किया. रावण का वध करके यह सिद्ध किया कि अन्याय और अधर्म चाहे कितना भी शक्तिशाली क्यों न हो, सत्य व धर्म की हमेशा विजय होती है. लंका पर विजय प्राप्त करने के बाद विभीषण को राजा बनाया. श्रीराम ने अपने राज्यकाल में न्याय व सत्य को प्राथमिकता दी. रामराज्य एक ऐसे आदर्श शासन का प्रतीक है, जिसमें हर व्यक्ति सुखी व सुरक्षित था. उनके इस दृष्टिकोण से हमें यह समझ आनी चाहिए कि एक सच्चा नेता वही होता है, जो प्रजा के हितों को सर्वोपरि रखे. महायज्ञ को सफल बनाने में यज्ञाचार्य रामभद्राचार्य बालयोगी महाराज, मुखिया सुधीर सिंह,दिलीप सिंह, भूपन सिंह, संरक्षक अंबिका सिंह, रामलखन सिंह, मनोज सिंह, बिरजू सिंह, उपेंद्र कुमार सिंह, अजित सिंह, अमरेश सिंह, शिवमंगल सिंह, राजेश गंझू सहित यज्ञ समिति के लोग शामिल हैं. बुधवार की शाम गोवाखुर्द गांव में नवनिर्मित मंडप व शिवालय में मां भगवती व भगवान भोलेनाथ की प्रतिमा का विधि विधान के साथ प्राण प्रतिष्ठा कर मंडप व शिवालय में स्थापित किया गया. यज्ञाचार्य रामभद्राचार्य बालयोगी जी महाराज के नेतृत्व में प्रतिमा स्थापित की गयी. इसके पूर्व ढोल बाजे के साथ प्रतिमाओं काे नगर भ्रमण कराया गया.
प्रभु श्रीराम ने जीवनभर धर्म व सत्य का पालन किया : साध्वी
वृंदावन से आयी साध्वी रश्मि मिश्रा ने रामचरितमानस पर कथा वाचन किया.
