चतरा. सिमरिया-टंडवा पथ स्थित मुरबे के पास हर रोज कोल वाहनों की लंबी कतारें लगी रहती हैं. जिससे हमेशा बड़ी दुर्घटना के आशंका बनी रहती है. हर रोज करीब डेढ़-दो किमी तक कोयला लदा हाइवा सड़क पर खडे रहते हैं. केरेडारी के चट्टी बारियातू से ऐश पौंड व आम्रपाली से कोयला लेकर हाइवा सिमरिया-चतरा पर होकर कटकमसांडी रेलवे साइडिंग जाता है. नो एंट्री के कारण सुबह सात बजे से लेकर शाम सात बजे तक मुरबे के पास कोल वाहन खड़े रहते हैं. ट्रांसपोर्टरों की लापरवाही से आये दिन दुर्घटना हो रही है. जिला प्रशासन व सीसीएल के द्वारा मुआवजा नीति नहीं बनाये जाने के कारण पीड़ित परिवारों को समुचित मुआवजा नहीं मिल पाता है. दुर्घटना के बाद पीड़ित व उनके परिवारों को मुआवजा राजनीतिक पार्टी व स्थानीय लोगों को दबाव में कुछ पैसा देकर खानापूर्ति की जाती है. जब से टंडवा से सिमरिया होकर कोयला की ढुलाई शुरू हुई है, सड़क खून से लाल हो गया है.लोग अलग ट्रांस्पोर्टिंग सड़क की मांग करते रहे हैं. लेकिन जिला प्रशासन व सीसीएल के द्वारा कोई ध्यान नहीं दिया गया है. आये दिन बिंगलात, मिश्रौल,खधया, धनगड्डा, डांडी, सिमरिया में दुर्घटना घटती रहती है. स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से केरेडारी के चट्टी बरियातू से की ए ऐश पौंड के ढुलाई पर रोक लगाने की मांग की है. बता दें कि एसडीओ सन्नी राज के निर्देश पर दो दिन तक खधैया पुल के पास कोल वाहनों को रोका गया. जिससे लोगों को काफी राहत मिली. लेकिन बुधवार से पुन: कोल वाहनों का परिचालन शुरू हो गया. लोगों में दहशत है.
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