सिमरिया : चतरा जिले के सिमरिया प्रखंड में पिछले दो दिनों से हो रही लगातार बारिश के कारण लोबगा तालाब का बांध मंगलवार रात टूट गया. तालाब में बारिश का पानी अधिक भर जाने के कारण बांध टूटने से पूरा पानी बह गया. पानी के तेज बहाव में तालाब में पाली जा रही करीब 15 हजार मछलियां भी बह गयीं. तालाब का पानी बांध के नीचे स्थित खेतों में फैल गया, जिससे करीब एक एकड़ में लगी धान की फसल बर्बाद हो गयी. किसानों के अनुसार, इससे उन्हें लाखों रुपये का नुकसान हुआ है.
दो प्रखंडों के कई गांवों का आवागमन प्रभावित
बांध टूटने का असर आसपास के कई गांवों के आवागमन पर भी पड़ा है. बांध के ऊपर बनी पीसीसी सड़क से सिमरिया और पत्थलगड्डा प्रखंड के कई गांवों के लोग रोजाना आवागमन करते थे. अब सड़क का संपर्क टूट जाने से ग्रामीणों को लंबी दूरी तय कर दूसरे रास्ते से जाना पड़ेगा.
सिमरिया प्रखंड के लोबगा, हर्षनाथपुर, चाड़रम, बानासाड़ी, इचाक, कसियाडीह, चंदिया और इचाबार तथा पत्थलगड्डा प्रखंड के नावाडीह, बाजोबार, कुमका और काशीबार समेत आसपास के गांवों के एक हजार से अधिक लोग इस रास्ते का इस्तेमाल करते थे.
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ग्रामीणों ने प्रशासन से की बांध की मरम्मत की मांग
ग्रामीण बबलू भोगता, सरयू कुमार, लखन पासवान, पिंटू गंझू, सुमेंद्र कुमार और रमेश महतो समेत अन्य लोगों ने बताया कि तालाब का बांध काफी पुराना है. पूर्वजों के समय से ही यहां तालाब का उपयोग मछली पालन और सिंचाई के लिए किया जाता रहा है. इससे आसपास के किसान खेती करते हैं और कई परिवारों की आजीविका भी जुड़ी हुई है. ग्रामीणों ने कहा कि बांध टूटने से मछली पालन, खेती और आवागमन तीनों प्रभावित हुए हैं. सिमरिया और पत्थलगड्डा आने-जाने के लिए यह मुख्य मार्ग था. ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से जल्द बांध की मरम्मत कराकर सड़क पर आवागमन बहाल कराने की मांग की है.
