कुंदा. प्रखंड क्षेत्र में बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है.दर्जनों गांवों में बिजली के पोल और तार जमीन की ओर खतरनाक तरीके से झुके हुए हैं, जिससे हर समय बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है.समय रहते यदि बिजली विभाग ने इस गंभीर समस्या की ओर ध्यान नहीं दिया, तो कभी भी कोई बड़ी अप्रिय घटना घट सकती है. हालत यह है कि कई गांवों में पोल का घोर अभाव है.मजबूरी में ग्रामीणों ने मुख्य सड़क से अपने घरों तक लकड़ी की बल्लियों (बांस-बल्ले) के सहारे खुले और जर्जर तार खींच रखे हैं.जमीन के बेहद करीब से गुजरते ये नंगे तार राहगीरों, मवेशियों और खुद ग्रामीणों के लिए हर पल जान-माल का खतरा बने हुए हैं. बारिश और तेज हवा के मौसम में यह खतरा कई गुना बढ़ जाता है.
इन गांवों में झुके हैं पोल और झूल रहे हैं तार
प्रखंड के चाया, बरवाडीह, टिकुलिया, मांझीपारा, सिकीदाग, बैरियाचक, टिकैतबांध, इचातु, बनाशाम और सरजमातु समेत कई अन्य गांवों की स्थिति अत्यंत दयनीय है। ग्रामीणों ने विभाग से जल्द से जल्द जर्जर पोल और तारों को बदलकर नए पोल लगाने और निर्बाध व सुरक्षित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है।
