प्रतापपुर. प्रखंड में केंदू पत्ता खरीदारी में अनियमितता का मामला सामने आया है. मजदूरों का आरोप है कि ठेकेदार सरकार द्वारा निर्धारित दर से कम कीमत पर केंदू पत्ता खरीद रहे हैं. जहां सरकार ने प्रति सैकड़ा 200 रुपये से अधिक भुगतान तय किया है, वहीं मजदूरों से केवल 150 रुपये प्रति सैकड़ा की दर से पत्ता खरीदा जा रहा है. इससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है. मजदूरों ने बताया कि वे सुबह से जंगलों में जाकर मेहनत से केंदू पत्ता तोड़ते हैं, उसे बांधकर खलिहान तक पहुंचाते हैं, लेकिन मेहनत के अनुरूप मजदूरी नहीं मिलती. ठेकेदार विभिन्न गांवों में खलिहान खोलकर मुंशी के माध्यम से खरीदारी कर रहे हैं. वन क्षेत्र के अशनाही, शंकरपुर व मरका में अवैध रूप से केंदू पत्ता का खलिहान खोलकर पत्ते की खरीदारी की गयी है, जिससे सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा है. ग्रामीणों की मानें, तो जानकारी के बाद भी वन विभाग कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है. इस संबंध में उपायुक्त रवि आनंद ने कहा कि मजदूरी भुगतान और खरीदारी प्रक्रिया की जांच निगम एवं वन विभाग से करायी जायेगी तथा दोषी पाये जाने पर कार्रवाई की जायेगी.
कम दामों पर खरीदा जा रहा हैं केंदू पत्ता
ठेकेदार मुंशी के माध्यम से खरीदारी कर रहे है
