चतरा के सिमरिया में 2,964 अनमैप्ड और 15,188 विसंगति मैपिंग वाले मतदाता चिह्नित

सिमरिया प्रखंड में मतदाता सूची को सटीक बनाने के लिए विशेष अभियान चल रहा है. 2,964 अनमैप्ड और 15,188 विसंगति मैपिंग वाले मतदाताओं के मामलों की सुनवाई 14 अक्टूबर तक चलेगी. यह प्रक्रिया आगामी चुनावों के लिए सूची को पारदर्शी बनाएगी.


सिमरिया से धर्मेंद्र कुमार की रिपोर्ट

Jharkhand SIR: झारखंड के चतरा जिले के सिमरिया प्रखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत मतदाता सूची से संबंधित दावा-आपत्ति की प्रक्रिया तेज गति से चल रही है. प्रखंड में 2,964 अनमैप्ड और 15,188 विसंगति मैपिंग वाले मतदाताओं की पहचान की गई है. इन मामलों के निस्तारण के लिए 24 अगस्त से सुनवाई शुरू हो चुकी है, जो 14 अक्टूबर तक चलेगी. प्रशासन ने नोटिस प्राप्त सभी मतदाताओं से निर्धारित तिथि पर आवश्यक दस्तावेजों के साथ उपस्थित होने की अपील की है.

पांच अगस्त को प्रकाशित हुई थी प्रारूप मतदाता सूची

एसआईआर कार्यक्रम के तहत सिमरिया प्रखंड में 5 अगस्त को मतदाता सूची का प्रारूप प्रकाशन किया गया था. इसके बाद मतदाताओं को दावा और आपत्ति दर्ज कराने का अवसर दिया गया. निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार अब प्राप्त आवेदनों और चिन्हित मामलों की सुनवाई की जा रही है, ताकि अंतिम मतदाता सूची तैयार करने से पहले सभी दावों का निष्पक्ष निस्तारण हो सके. प्रशासन का कहना है कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक और त्रुटिरहित बनाना है.

अलग-अलग अधिकारियों को सौंपी गई जिम्मेदारी

  • सुनवाई की प्रक्रिया को व्यवस्थित बनाने के लिए मतदान केंद्रों के आधार पर जिम्मेदारियां अलग-अलग अधिकारियों को सौंपी गई हैं.
  • मतदान केंद्र संख्या 49 से 82 तक के मामलों की सुनवाई अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) कर रहे हैं.
  • मतदान केंद्र संख्या 83 से 116 तक की सुनवाई भूमि सुधार उप समाहर्ता (LRDC) के जिम्मे है.
  • मतदान केंद्र संख्या 117 से 151 तक के मामलों की सुनवाई प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) कर रहे हैं.

इसके अलावा, अनुमंडल कार्यालय, प्रखंड कार्यालय, जबड़ा, सेरनदाग, डाड़ी और ईचाक पंचायत में भी सुनवाई के लिए अलग-अलग व्यवस्था की गई है, ताकि अधिक से अधिक मतदाताओं को सुविधा मिल सके.

बीडीओ के स्तर पर 5,481 मामलों की सुनवाई

प्रखंड विकास पदाधिकारी की देखरेख में प्रखंड कार्यालय और पंचायत सचिवालय भवन ईचाक में कुल 780 अनमैप्ड तथा 4,701 विसंगति मैपिंग वाले मतदाताओं के मामलों की सुनवाई की जा रही है. प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार, 8 सितंबर तक 780 अनमैप्ड मतदाताओं में से 444 मामलों की सुनवाई पूरी कर ली गई है. इन मामलों में दस्तावेजों की जांच और दावों का सत्यापन किया गया है.

अनुपस्थित मतदाताओं को अंतिम मौका

जिन मतदाताओं ने अब तक सुनवाई में भाग नहीं लिया है या आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए हैं, उन्हें तीसरा और अंतिम नोटिस जारी किया गया है. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर उपस्थित होकर अपने दस्तावेज प्रस्तुत करना आवश्यक है, ताकि उनका पक्ष रिकॉर्ड में दर्ज किया जा सके. बीडीओ ने कहा कि सभी नोटिस प्राप्त मतदाता तय तिथि पर आवश्यक प्रमाण पत्रों के साथ सुनवाई में अवश्य शामिल हों. इससे उनके दावे या आपत्ति का समय पर निस्तारण हो सकेगा.

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मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाने पर जोर

प्रशासन का मानना है कि एसआईआर के तहत चल रही यह प्रक्रिया आगामी चुनावों के लिए मतदाता सूची को अधिक विश्वसनीय और पारदर्शी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी. अनमैप्ड और विसंगति वाले मामलों के सत्यापन के बाद अंतिम मतदाता सूची तैयार की जाएगी, जिससे वास्तविक पात्र मतदाताओं के नाम सूची में सही रूप से दर्ज हो सकें और मतदान प्रक्रिया की पारदर्शिता मजबूत हो सके.

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