कुंदा. प्रखंड में पिछले कई दिनों से हो रही बारिश ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. खेतों में पानी जमा होने से सब्जी की फसल, विशेष रूप से टमाटर और बैंगन को नुकसान हुआ है. इसके अलावा हरी मिर्च, पालक साग और अन्य सब्जियों की फसल भी प्रभावित हुई है. किसानों का कहना है कि जल जमाव से फसलें मुरझाने लगी हैं. कई खेतों में टमाटर और बैंगन के पौधे गलने लगे हैं.
लागत निकालना भी हुआ मुश्किल
किसानों ने बताया कि सब्जी की खेती में पहले ही बीज, खाद, दवा, सिंचाई और मजदूरी पर काफी खर्च हो चुका है. अब तैयार फसल के खराब होने से लागत निकालना मुश्किल हो जायेगा. यदि बारिश का सिलसिला जारी रहा, तो नुकसान और बढ़ सकता है.
एक किसान को 50 हजार से एक लाख तक नुकसान
प्रभावित किसानों का अनुमान है कि एक किसान को 50 हजार से एक लाख तक का नुकसान हो सकता है. किसानों का कहना है कि लगातार बारिश से खेतों में जल जमाव की स्थिति बनी हुई है, जिससे तैयार सब्जी की फसल बर्बाद होने की आशंका बढ़ गयी है.
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फसल नुकसान का आकलन कर मुआवजे की मांग
प्रभावित किसानों ने जिला प्रशासन से फसल के नुकसान का आकलन कर उचित मुआवजा देने की मांग की है. किसानों का कहना है कि बारिश के कारण हुए नुकसान का समय पर आकलन कर राहत दी जाये, ताकि उन्हें आर्थिक परेशानी से कुछ राहत मिल सके.
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