चतरा. सिविल सर्जन कार्यालय के सभागार में शनिवार को एक्यूट इंसेफेलाइटिक सिंड्रोम व जापानी इंसेफेलाइटिक को लेकर कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता सिविल सर्जन डॉ सत्येंद्र कुमार सिन्हा ने की. प्रशिक्षक के रूप में डीएस डॉ पंकज कुमार, डॉ इरफान व वीभीडी कंसल्टेंट अभिमन्यु कुमार उपस्थित थे. प्रशिक्षकों ने उक्त दोनों बीमारियों के लक्षण, कारण, बचाव के उपाय व रोगियों की पहचान करने की जानकारी दी. डीएस ने कहा कि समय पर पहचान कर इलाज होने से उक्त बीमारी से बचा जा सकता है. प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को रोग नियंत्रण व जनजागरूकता से संबंधित आवश्यक दिशा निर्देश दिये. सीएस ने कहा कि बीमारियों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य कर्मियों की सक्रिय भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है. उन्होंने सभी प्रतिभागियों को प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद अपने-अपने क्षेत्र में बेहतर ढंग से कार्य करने को कहा. मौके पर जिला कार्यालय के प्रदीप कुमार सोनी, रंजीत कुमार मिश्रा, आशुतोष कुमार समेत सभी सीएचसी के चिकित्सा पदाधिकारी, सीएचओ, लैब टेक्निशियन, एएनएम समेत अन्य उपस्थित थे.
बीमारी की रोकथाम को लेकर स्वास्थ्य कर्मियों को मिला प्रशिक्षण
बीमारियों के लक्षण, कारण, बचाव के उपाय व रोगियों की पहचान करने की जानकारी दी गयी.
