आपसी प्रेम, त्याग और इंसानियत का प्रतीक है बकरीद चतरा. जिले में गुरुवार को हर्षोल्लास के साथ ईद-उल-अजहा (बकरीद) का त्योहार मनाया गया. मस्जिद व ईदगाह में अकीदत के साथ नमाज अदा की गयी. पर्व को लेकर मुस्लिम धर्मावलंबियों में खासा उत्साह देखा गया. खासकर बच्चों में विशेष उत्साह दिखा. लोग अहले सुबह उठ कर तैयार होकर मस्जिद व ईदगाह पहुंचे, जहां नमाज अदा की. सदर प्रखंड कार्यालय के समीप ईदगाह में सात बजे मुफ्ती सनाउल्लाह ने नमाज पढ़ाई. नमाज के बाद लोग गले मिल कर एक-दूसरे को बकरीद की मुबारकबाद दी. लोग घर पहुंच कर बकरे की कुर्बानी दी. बच्चे ईदी (पैसा) लेकर खुश नजर आये. लोगों ने देश की तरक्की, खुशहाली, अमन, चैन की दुआ मांगी. मुफ्ती सनाउल्लाह ने हजरत मोहम्मद (स०) के बताये रास्ते पर चलने, गरीबों और जरूरतमंदों की मदद करने तथा समाज में प्रेम और भाईचारगी बनाये रखने की अपील की. उन्होंने कहा कि ईद-उल-अजहा का असली संदेश इंसानियत, आपसी मोहब्बत और त्याग है. बता दें कि यह पर्व तीन दिनों तक चलेगा. सुरक्षा के थे पुख्ता इंतजाम : बकरीद पर्व शांति व सौहार्द्रपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने को लेकर जिला व पुलिस प्रशासन सक्रिय रहा. जगह-जगह पर पुलिस पदाधिकारी व जवानों की तैनाती की गयी थी. विधि व्यवस्था बनी रहे, इसे लेकर दिनभर पुलिस गश्त लगाती रही. साथ ही आपसी भाईचारे के साथ पर्व मनाने की अपील की गयी. सीओ अनिल कुमार, बीडीओ हरिनाथ महतो, सदर थाना प्रभारी अवधेश सिंह दल बल के साथ क्षेत्र में घूम घूमकर विधि व्यवस्था का जायजा लेते रहे.
अकीदत के साथ पढ़ी गयी ईद-उल-अजहा की नमाज
आपसी प्रेम, त्याग और इंसानियत का प्रतीक है बकरीद
