चतरा. झारखंड सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना से जुड़े लाभुकों का डेटा लीक हो गया है. चतरा नगर परिषद क्षेत्र की महिलाओं की सूची वाला एक पीडीएफ व्हाट्सएप ग्रुपों में वायरल हुआ है, जिसमें नाम, पिता या पति का नाम, आधार नंबर, बैंक खाता संख्या, बैंक का नाम और मोबाइल नंबर जैसी संवेदनशील जानकारी शामिल है. यह जानकारी साइबर अपराधियों के लिए ठगी का आसान हथियार बन सकती है. इन दिनों योजना के लाभुकों का सत्यापन कार्य चल रहा है इन दिनों योजना के लाभुकों का सत्यापन कार्य चल रहा है. इसी प्रक्रिया का फायदा उठाकर अपराधी खुद को सरकारी कर्मी या सत्यापन टीम का सदस्य बताकर महिलाओं को फोन कर सकते हैं. वे योजना बंद होने, किस्त रोकने या खाते के सत्यापन का डर दिखाकर ओटीपी, बैंक डिटेल या पैसे मांग सकते हैं. कई लाभुकों के पास ऐसे कॉल आने भी लगे हैं. लाभुकों का कहना है कि आधार और बैंक जानकारी किसी भी अपराधी के लिए बेहद संवेदनशील हथियार साबित हो सकती है. लाभुकों ने उपायुक्त रवि आनंद से मामले की जांच कराने, जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करने और जानकारी को सुरक्षित रखने की मांग की है. प्रभारी जिला सामाजिक सुरक्षा पदाधिकारी विनय कुमार ने कहा कि डेटा लीक की जानकारी नहीं है, लेकिन जांच करायी जाएगी और दोषियों पर कार्रवाई होगी. अपील यदि किसी भी महिला को सत्यापन, योजना अपडेट, खाता जांच या किस्त जारी करने के नाम पर कॉल आये और राशि, ओटीपी, बैंक डिटेल या निजी जानकारी मांगी जाए, तो बिल्कुल साझा न करें. किसी भी संदिग्ध कॉल या मैसेज की सूचना तुरंत साइबर टॉ हेल्पलाइन 1930 या स्थानीय प्रशासन को दें. बैंक खाते में असामान्य गतिविधि दिखे तो तुरंत बैंक से संपर्क करें.
मंईयां योजना के लाभुकों का डेटा लीक, साइबर अपराधी बना सकते है शिकार
मंईयां योजना के लाभुकों का डेटा लीक, साइबर अपराधी बना सकते है शिकार
