चतरा में लकड़ी के चूल्हों पर खाना पका रहे लोग, चार दिन बाद पहुंचा एलपीजी गैस का ट्रक

LPG Cylinder Crisis: झारखंड के चतरा शहर में रसोई गैस की किल्लत से लोग परेशान हैं. चार दिन बाद गैस सिलेंडरों का ट्रक पहुंचा, जिसके लिए उपभोक्ताओं को घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ा. कई लोगों को गैस नहीं मिली. गैस की कमी के कारण लोग लकड़ी और कोयले के चूल्हों पर खाना पकाने को मजबूर हैं. जिले में बिजली से चलने वाले इंडक्शन की भी खपत बढ़ गई है. इससे संबंधित पूरी खबर नीचे पढ़ें.

चतरा से दीनबंधू और मो तसलीम

LPG Cylinder Crisis: झारखंड के चतरा शहर में इन दिनों घरेलू रसोई गैस की भारी किल्लत देखी जा रही है. गैस की अनियमित आपूर्ति के कारण उपभोक्ताओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. शहर में गैस सिलेंडरों की आपूर्ति करने वाली एजेंसी में चार दिन के बाद सिलेंडरों का ट्रक पहुंचा. गैस की कमी की वजह से शहर के कई घरों में खाना बनाना भी मुश्किल हो गया है. गैस की कमी के कारण लोग सुबह से ही खाली सिलेंडर लेकर लाइन में खड़े होने को मजबूर हैं. आलम यह है कि गैस की कमी की वजह से लोगों को लकड़ी के चूल्हों पर खाना पकाना पड़ रहा है.

चार दिन बाद पहुंचा गैस का ट्रक

स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर में चार दिनों के बाद बंशीधर इंडेन गैस एजेंसी का एक ट्रक गैस लेकर पहुंचा. गैस की बिक्री पुलिस लाइन के आगे स्थित मैदान में की गई. ट्रक आने की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में उपभोक्ता वहां पहुंच गए. लोग सुबह करीब साढ़े छह बजे से ही खाली गैस सिलेंडर लेकर मैदान में लाइन लगाकर खड़े हो गए थे. करीब नौ बजे के बाद गैस से लदा ट्रक वहां पहुंचा और फिर एक-एक कर उपभोक्ताओं को सिलेंडर दिया जाने लगा.

घंटों धूप में खड़े रहे उपभोक्ता

गैस सिलेंडर लेने के लिए लोगों को कई घंटों तक धूप में खड़े रहना पड़ा. महिलाएं, बुजुर्ग और पुरुष सभी अपने-अपने खाली सिलेंडर के साथ लाइन में लगे रहे. गैस की मांग ज्यादा होने के कारण लोगों में बेचैनी भी देखी गई. कई उपभोक्ताओं ने बताया कि लंबे इंतजार के बावजूद सभी को गैस नहीं मिल पाई. जब गैस खत्म हो गई, तो कई लोगों को खाली सिलेंडर लेकर ही वापस लौटना पड़ा.

इंडक्शन चूल्हों का बढ़ गया इस्तेमाल

गैस की कमी के कारण कई घरों में खाना बनाने में दिक्कत हो रही है. कुछ परिवारों ने मजबूरी में इंडक्शन चूल्हे का उपयोग करना शुरू कर दिया है. वहीं कई लोग पुराने तरीके से कोयला और लकड़ी के चूल्हे का सहारा ले रहे हैं. महिलाओं का कहना है कि नियमित गैस आपूर्ति नहीं होने से रोजमर्रा का काम प्रभावित हो रहा है और उन्हें काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है.

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उपभोक्ताओं ने प्रशासन से की मांग

गैस संकट से परेशान उपभोक्ताओं ने जिला प्रशासन से नियमित गैस आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है. लोगों का कहना है कि अगर समय पर गैस की आपूर्ति हो, तो इस तरह की परेशानी से बचा जा सकता है. स्थानीय लोगों ने उम्मीद जताई है कि प्रशासन इस समस्या को गंभीरता से लेकर जल्द समाधान निकालेगा, ताकि शहर के लोगों को रसोई गैस के लिए घंटों लाइन में खड़ा न रहना पड़े.

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By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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