चतरा. समेत पूरे इलाके में दहशत का पर्याय बना टीएसपीसी का सुप्रीमो बृजेश गंझू एटीएस (ATS) की कार्रवाई में मारा गया. रविवार को वाराणसी में हुई एक मुठभेड़ के दौरान एटीएस की टीम ने उसे मार गिराया. मुठभेड़ में बृजेश गंझू के मारे जाने की खबर फैलते ही पूरे क्षेत्र में सन्नाटा पसर गया. शुरुआत में लोगों को इस खबर पर भरोसा नहीं हो रहा था, लेकिन धीरे-धीरे लोगों ने एक-दूसरे और अन्य माध्यमों से संपर्क कर घटना की पुष्टि की.
पुलिस और पूर्व विधायक भाई ने भी दी थी आत्मसमर्पण की सलाह
चतरा पुलिस लगातार बृजेश गंझू पर आत्मसमर्पण (सरेंडर) करने का दबाव बना रही थी. पुलिस के अलावा उसके बड़े भाई सह पूर्व विधायक गणेश गंझू ने भी समय की नजाकत को देखते हुए उसे सरेंडर करने की सलाह दी थी. हालांकि, उसने किसी की बात नहीं मानी और उग्रवादी गतिविधियों में लिप्त रहा. स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर उसने समय रहते पुलिस की बात मान ली होती, तो आज वह जीवित होता.
संगठन के कई साथी कर चुके हैं सरेंडर या हैं जेल में बंद
टीएसपीसी संगठन में उसके साथ सक्रिय रहे कई उग्रवादी पहले ही कानून के समक्ष आत्मसमर्पण कर चुके हैं, जबकि कई अन्य पुलिसिया कार्रवाई में पकड़े जाकर फिलहाल जेल की सलाखों के पीछे हैं. बृजेश के खात्मे को उग्रवाद के खिलाफ सुरक्षा बलों के लिए एक बेहद बड़ी और महत्वपूर्ण सफलता के रूप में देखा जा रहा है.
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