TSPC सुप्रीमो बृजेश गंझू का रहा है राजनीतिक सफर, निर्विरोध उपमुखिया से लेकर पंचायत समिति सदस्य तक का तय किया था सफर

टीएसपीसी सुप्रीमो ब्रजेश गंझू सिर्फ एक उग्रवादी नेता नहीं था, उसका राजनीतिक जीवन भी काफी प्रभावशाली रहा है. 2010 के पंचायत चुनाव में उसने अपने प्रभाव से कई निर्विरोध चुनाव करवाए और खुद भी उप मुखिया बना. यह लेख उसके इसी अनजाने पक्ष को उजागर करता है.

चतरा से दीनबंधू और मो० तसलीम की रिपोर्ट

चतरा. टीएसपीसी सुप्रीमो सरदार उर्फ बृजेश गंझू उर्फ गोपाल सिंह भोगता का उग्रवादी जीवन के साथ-साथ राजनीतिक सफर भी रहा है. वर्ष 2010 के पंचायत चुनाव में लावालौंग प्रखंड की राजनीति में उसका गहरा प्रभाव देखा गया था.

उस समय एक पंचायत को छोड़कर प्रखंड की लगभग सभी पंचायतों में मुखिया, पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद सदस्य निर्विरोध चुने गए थे. इसी चुनाव में बृजेश गंझू स्वयं निर्विरोध वार्ड सदस्य बना था और बाद में वार्ड सदस्यों की सहमति से उपमुखिया चुना गया था.

पंचायत समिति सदस्य बनने के बाद एनआईए की कार्रवाई से रद्द हुई थी सदस्यता

इसके बाद वर्ष 2015 के पंचायत चुनाव में बृजेश गंझू पंचायत समिति सदस्य (पंसस) के रूप में चुनाव जीता. हालांकि, जीत के बाद राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) और पुलिस द्वारा दर्ज मामलों की जांच और कानूनी कार्रवाई के कारण उसकी पंचायत समिति सदस्यता रद्द कर दी गई थी.

इसके अलावा वर्ष 2014 के विधानसभा चुनाव में उसने सिमरिया सीट से झाविमो (JVM) के टिकट पर लड़े अपने बड़े भाई गणेश गंझू के पक्ष में प्रचार किया था, जिसमें उसके भाई ने जीत दर्ज की थी.

30 लाख का था इनामी, मारे जाने से टीएसपीसी के मूल ढांचे को बड़ा झटका

अपराध और उग्रवादी गतिविधियों में लिप्त होने के कारण सरकार ने उस पर कुल 30 लाख रुपये का इनाम (झारखंड सरकार द्वारा 25 लाख और एनआईए द्वारा 5 लाख) घोषित किया था. वह लंबे समय से भूमिगत रहकर संगठन चला रहा था.

अब एनकाउंटर में बृजेश के मारे जाने और संगठन के दूसरे प्रमुख कमांडर आक्रमण गंझू की गिरफ्तारी के बाद टीएसपीसी का पुराना और मुख्य नेतृत्व ढांचा पूरी तरह ध्वस्त हो गया है.

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लेखक के बारे में

By मो. तसलीम

मो. तसलीम चतरा से 10 साल से प्रभात खबर के साथ जुड़े हैं. क्राइम रिपोर्टिंग, भ्रष्टाचार और जनसरोकार से जुड़े मुद्दों पर विशेष रुचि है. निष्पक्ष और तथ्यपरक पत्रकारिता करना इनकी पहचान है. मो. तसलीम ने वर्ष 2025 में मार्खम कॉलेज, हजारीबाग से बीजेएमसी की डिग्री प्राप्त की थी.

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