चतरा. आंदोलनकारी नेता लक्ष्मीकांत शुक्ल ने जिला स्थापना दिवस पर आयोजित झारखंड आंदोलनकारियों के सम्मान समारोह का बहिष्कार किया. उन्होंने कहा कि 1977 में चतरा (तब हजारीबाग का अनुमंडल था) में झारखंड आंदोलन की मशाल जलाने वाले और दिशोम गुरु शिबू सोरेन के अन्य खास साथियों में से वे एक थे. इसके बाद भी उन्हें समारोह में सम्मान देने की बजाय अपमानित किया गया. जिला प्रशासन के बुलाने पर वे समारोह में पहुंचे, लेकिन उन्हें उपेक्षा और प्राथमिकता न मिलने के कारण समारोह का बहिष्कार कर निकल गये. उन्होंने आरोप लगाया कि समारोह में कई नकली आंदोलनकारियों को मंच पर बुलाकर सम्मानित किया गया, जबकि चतरा में झारखंड अलग राज्य आंदोलन को धार देने वाले व्यक्ति का अपमान किया गया. पत्थलगड्डा. झारखंड आंदोलनकारी के रूप में चिह्नित व्यक्तियों की सत्यता और जांच को लेकर झामुमो प्रखंड अध्यक्ष सुधीर कुमार के नेतृत्व में बीडीओ को ज्ञापन सौंपा गया है. ज्ञापन में कहा गया है कि झारखंड आंदोलनकारी के रूप में चिह्नित सूची के आधार पर कुछ व्यक्तियों के आंदोलनकारी होने पर संदेह है. सुधीर कुमार ने बीडीओ से मांग की है कि संबंधित व्यक्तियों द्वारा आंदोलन के समर्थन में दिये गये जेल रिकॉर्ड, पुलिस केस या अन्य साक्ष्यों की गहन जांच कर उनकी सत्यता की पुष्टि की जाये. मौके पर लेखराज टाइगर, सिंघानी पंचायत मुखिया प्रतिनिधि शामिल थे.
झारखंड आंदोलन के सम्मान समारोह का बहिष्कार
आरोप लगाया कि समारोह में कई नकली आंदोलनकारियों को मंच पर बुलाकर सम्मानित किया गया,
