जैंतगढ़. जैंतगढ़ और आसपास क्षेत्रों में शुक्रवार की अहले सुबह चार बजे से हो रही बारिश से जनजीवन प्रभावित है. लगातार हो रही भारी बारिश से सड़कें जलमग्न हो गईं, जिससे लोग घरों में दुबकने को मजबूर रहे और बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा. इस दौरान पूरे क्षेत्र में बिजली आपूर्ति भी पूरी तरह ठप रही.
वैतरणी नदी का जलस्तर खतरे के निशान की ओर
लगातार बारिश से वैतरणी नदी का जलस्तर खतरे के निशान की ओर बढ़ रहा है, जिससे छठ घाट पूरी तरह डूब चुके हैं और बाढ़ का पानी बाजार परिसर तक पहुंच गया है. नदी के निचले इलाकों के लोगों में दहशत हैं. एहतियात के तौर पर लोग अपना कीमती सामान सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कर रहे हैं. वहीं, क्षेत्र के छोटे-बड़े नाले भी उफान पर हैं, जिसका पानी कादिकिदा, नालघर, छनपड़ा, पत्ता जैंत, जादूकोड़ा और नोड साही गांव के कई घरों में घुस गया है.
ओवरफ्लो हुए खेत
भारी बारिश से खेत लबालब भर चुके हैं और एक खेत का पानी ओवरफ्लो होकर दूसरे खेत में बह रहा है. तालाबों का पानी खेतों में जाने से मछलियां बाहर निकल आयी हैं. क्षेत्र का सबसे बड़ा 10 एकड़ में फैला झील रूपी 'राजबांध' भी ओवरफ्लो होकर बह रहा है, जिससे कई घरों में जलजमाव की स्थिति उत्पन्न हो गयी है.
स्कूलों और कॉलोनियों में घुसा पानी
जैंतगढ़, जगन्नाथपुर, नोवामुंडी और मझगांव मुख्य मार्गों पर दर्जनों जगहों पर बारिश का पानी तालाब की तरह भर गया है. रेल नगरी डीपीएस कॉलोनी, मुख्य चौक और कई क्वार्टरों में पानी घुस गया है. जोड़ा, कालीमाटी और भद्रासाही क्षेत्र की सड़कें भी तालाब में तब्दील हो चुकी हैं. भारी बारिश के कारण दर्जनों स्कूलों के परिसरों में पानी भर गया, जहां बच्चे घुटने भर पानी पार कर कक्षाओं तक पहुंचे. इसके अलावा, जैंतगढ़ चांदनी चौक और चंपुआ स्टेडियम चौक के पास कई घरों में बारिश के साथ नाली का गंदा पानी भी घुस गया है.
