Chaibasa News : आदिवासी-मूलवासियों की कृषि भूमि के हस्तांतरण पर रोक लगे

चाईबासा : "हो " दस्तूर के आधार पर कोल्हान के वीर शहीदों को दी गयी श्रद्धांजलि

चाईबासा.झारखंड पुनरुत्थान अभियान के तत्वावधान में मंगलवार को शहीद पार्क स्थित शहीद समाधि पर “हो ” दस्तूर के आधार पर बोयो गागराई द्वारा पूजा-पाठ करने के बाद कोल्हान के वीर शहीदों को श्रद्धांजलि दी गयी. अभियान के संस्थापक सह पूर्व राज्यसभा सांसद दुर्गा प्रसाद जामुदा ने राष्ट्रीय झंडा दिखाकर पदयात्रियों को रवाना किया. सभी सदस्यों द्वारा शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के उपरांत शहीद पार्क चाईबासा से उपायुक्त कार्यालय तक पदयात्रा की गयी. पदयात्रा करने के बाद उपायुक्त को राजस्व भूमि निबंधन सह परिवहन मंत्री दीपक बिरुवा के नाम चार सूत्री मांग पत्र सौंपा गया. चार सूत्री मांग पत्र में मूल रूप से कोल्हान में असंवैधानिक रूप से आदिवासी-मूलवासियों की कृषि भूमि के हस्तांतरण पर रोक लगाने की मांग की गयी.

वीर शहीदों की याद में सरकारी स्तर पर शहादत दिवस मनाया जाये : सन्नी सिंकु

झारखंड पुनरुत्थान अभियान के मुख्य संयोजक सन्नी सिंकु ने कहा कि कोल्हान के वीर शहीदों ने जल, जंगल और जमीन की रक्षा करने के लिए अपनी शहादत दी थी. उन्हीं शहीदों की याद में अंग्रेजों ने ही शहीद पार्क चाईबासा का निर्माण किया था. इसका उद्घाटन आजादी के दस वर्ष पहले यानी 06 अक्टूबर 1937 को तत्कालीन बिहार ओडिशा के राज्यपाल मॉरिस गार्नियर हैलेट ने किया था. कोल्हान के इस ऐतिहासिक गौरव को सरकारी तौर पर शहादत दिवस मनाने के लिए झारखंड पुनरुत्थान अभियान की ओर से लगातार झारखंड सरकार को मांग पत्र दिया जा रहा है पर झारखंड सरकार इस ओर ध्यान नहीं दे रही है.

पदयात्रा में इन लोगों ने लिया भाग

पदयात्रा में अभियान के जिला संयोजक अमृत मांझी, घनश्याम गागराई, मुंडा सिदिऊ पुरती, मुंडा दीपू सवैया, मुंडा विजय सिंह सुंडी, मुनेश्वर पुरती, चंद्रमोहन बिरुवा, दिनेश सोय, सुरेश सोय, तिलक बारी, खूंटी सांसद प्रतिनिधि रेंगो पुरती, लादूरा गोडसोरा, विनय सरदार, अविन पचाय सिंकु, सामर्थ्य गुड़िया, दुलबु कालुंडिया, भुंडा मुर्मू, मनीषा सावैंया, शकुंतला सावैंया, शकुंतला सावैंया लक्ष्मी कालुंडिया,अनीता कालुंडिया, सीता बानरा, सुखमति बिरुली, जाउरी बानरा,विजय सिंह सावैंया, बेंगोल सावैंया,जयराम दोंगो, जयश्याम कालुंडिया, मनमोहन सावैंया, अप्रैल सावैंया, सिंगराय सावैंया, बागुन सावैंया, बिरसा गोप, सूर्य प्रताप सिंहदेव, सरोज महतो, तफज्जुल हुसैन, महेंद्र जामुदा, अतीश गागराई, रेयांस सामड, बासिल हेंब्रम, अरिल सिंकु, असीम जुरिया सिंकु, बलभद्र सावैंया, केदारनाथ कालुंडिया, प्रधान पुरती, विशाल गुड़िया, अलबिन एक्का, नारायण सिंह पुरती, मंगल सरदार, विकास केराई, विनीत लागुरी, विश्वनाथ बोबोंगा, दामु गगराई, कुशल मुर्मू ने किया। पदयात्रा में अभियान के मुख्य संयोजक सन्नी सिंकु, घनश्याम गागराई, मुंडा सीडीयू पुरती, मुंडा दीपू सवैया, मुंडा विजय सिंह सुंडी, मुनेश्वर पुरती, चंद्रमोहन बिरुआ, दिनेश सोय, सुरेश सोय, तिलक बारी, खूंटी सांसद प्रतिनिधि रेंगो पुरती, लादूरा गोडसोरा, सूरसिंह हाईबुरु, विनय सरदार, अविन पचाय सिंकु, सामर्थ्य गुड़िया, दुलबु कालुंडिया, भुंडा मुर्मू,मनीषा सावैंया, शकुंतला सावैंया,शकुंतला सावैंया , लक्ष्मी कालुंडिया, अनीता कालुंडिया, सीता बानरा, सुखमति बिरुली, जाउरी बानरा, विजय सिंह सावैंया, बेंगोल सावैंया, जयराम दोंगो, जयश्याम कालुंडिया, मनमोहन सावैंया, अप्रैल सावैंया, सिंगराय सावैंया, बागुन सावैंया, बिरसा गोप, सूर्य प्रताप सिंहदेव, सरोज, महतो, तफज्जुल हुसैन आदि उपस्थित थे.

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